🚨 छत्तीसगढ़ में आया भूकंप! लोग भागे घरों से बाहर – जानें क्या है असली सच्चाई

"Seismograph recording earthquake tremors with red waveform patterns on graph paper, featuring 'EARTHQUAKE ALERT' stamp and Alert Nation News logo - illustrating seismic activity monitoring during the 4.1 magnitude earthquake that hit Chhattisgarh's Ambikapur and Jashpur districts on July 31, 2025"

छत्तीसगढ़ के जशपुर और अंबिकापुर में आज (31 जुलाई 2025) सुबह 7:30 बजे अचानक धरती हिलने लगी। 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटकों से डरे हुए लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल गए। भले ही यह एक हल्का भूकंप था, लेकिन स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

जशपुर में सुबह 7:31 बजे जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक 4-5 सेकंड तक धरती हिलने का एहसास हुआ। घरों में रखे बर्तन खनकने लगे, दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगीं, और डर के मारे लोग तुरंत बाहर निकल आए।

अंबिकापुर में भी उसी समय भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि झटके बेहद हल्के थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे साफ महसूस किया।

सभी स्थानीय न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जशपुर जिले के बगीचा इलाके में था। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह केंद्र अंबिकापुर से करीब 50 किलोमीटर दूर था, लेकिन यह सिर्फ स्थानीय विशेषज्ञों का अनुमान है।

सबसे अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी जान-माल की हानि की खबर नहीं मिली है1। भूकंप की तीव्रता 4.1 होने के कारण यह काफी हल्का था, जिससे किसी प्रकार का गंभीर नुकसान नहीं हुआ।

घटना बिल्कुल सच्ची है – तीन मुख्य न्यूज सोर्स (NPg News, News18 Hindi, Khabar Chalisaa) ने इसकी पुष्टि की है1। सभी रिपोर्ट्स में 4.1 तीव्रता की बात कही गई है।

National Centre for Seismology (NCS) – यानी भारत के आधिकारिक भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर 31 जुलाई 2025 को छत्तीसगढ़ में किसी भूकंप की जानकारी नहीं मिल रही है। यह थोड़ी अजीब बात है क्योंकि आमतौर पर NCS सभी भूकंपों को रिकॉर्ड करता है।

सरगुजा संभाग में पिछले तीन सालों में कई बार ऐसे हल्के भूकंप आ चुके हैं। यह इलाका भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

  • 31 जुलाई 2025 की सुबह जशपुर-अंबिकापुर में भूकंप आया
  • तीव्रता 4.1 रही, जो काफी हल्की थी
  • कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ
  • केंद्र जशपुर के बगीचा इलाके में था
  • लेकिन NCS की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं मिली है

सलाह: पूरी सच्चाई जानने के लिए NCS या अन्य सरकारी स्रोतों से आधिकारिक बयान का इंतज़ार करना बेहतर होगा। फिलहाल स्थानीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कोई गंभीर खतरा नहीं है।

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