गंगरेल बांध के 14 गेट खुलने से छत्तीसगढ़ में बाढ़ का खतरा, जिला प्रशासन हाई अलर्ट

धमतरी, 24 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध में जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ने के कारण प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। रवि शंकर सागर जलाशय के नाम से प्रसिद्ध इस बांध में 90 प्रतिशत भराव हो चुका है और लगातार हो रही बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में बांध के 14 गेट खोलने पड़ सकते हैं।

कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण प्रतिदिन 14 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में और भी तेज बारिश की संभावना है, जिससे बांध में शत प्रतिशत भराव की स्थिति बन सकती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर ने आपातकालीन बैठक बुलाकर सभी संबंधित विभागों को तत्काल तैयारी के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित होने वाले क्षेत्र और तैयारियां

गंगरेल बांध के गेट खुलने से रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बलोदा बाजार, भाटापारा, जांजगीर चंपा और रायगढ़ जिले के साथ-साथ उड़ीसा के संबलपुर जिले तक बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नदी किनारे बसे गांवों और कस्बों के निवासियों के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। राहत शिविरों की स्थापना का काम भी तेजी से चल रहा है।

– मुख्य चिंता के बिंदु:

  • बांध में 90% भराव, शीघ्र ही 100% तक पहुंचने की संभावना
  • प्रतिदिन 14,000 क्यूसेक जल आवक दर्ज की जा रही है
  • 14 गेट खुलने से डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में अचानक जल प्रवाह बढ़ेगा
  • 8 जिले और उड़ीसा का एक जिला प्रभावित हो सकता है

सरकारी तैयारियां और निर्देश

छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को तत्काल सूचना प्रेषित की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। स्थिति की निरंतर निगरानी के लिए ड्रोन और हेलीकाप्टर की निगरानी भी शुरू की गई है।

उड़ीसा सरकार को भी इस स्थिति की जानकारी दी गई है और दोनों राज्य सरकारें मिलकर आपदा प्रबंधन की रणनीति बना रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

– प्रशासनिक कार्रवाई:

  • सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया
  • NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गईं
  • राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था
  • निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी

जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। आपातकाल की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं और लोगों से कहा गया है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखें।

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