नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025 – हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 14 जुलाई से सावन मास शुरू हो गया है, जो भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीनों में से एक है। सावन के प्रत्येक सोमवार, जिन्हें सावन सोमवार कहा जाता है, विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। इस वर्ष सावन मास 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगा, जिसमें चार सावन सोमवार (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) पड़ेंगे।
सावन सोमवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा, व्रत और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, स्वास्थ्य, समृद्धि और वैवाहिक सुख मिलता है। अविवाहित महिलाएं अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए और विवाहित महिलाएं दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए सोलह सोमवार व्रत रखती हैं। इस दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, दही, घी, शहद और चीनी से बना पंचामृत अर्पित किया जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, सावन मास में समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने हलाहल विष पिया था, जिसे माता पार्वती ने उनके गले में रोक लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ नाम मिला। साथ ही, माता पार्वती ने सावन में कठोर तप कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था, जिससे इस मास का महत्व और बढ़ जाता है।
देशभर के शिव मंदिरों में आज से भक्तों की भीड़ उमड़ेगी, विशेषकर काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, और महाकालेश्वर जैसे प्रमुख मंदिरों में। भक्तों से अपील है कि वे मंदिरों में स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखें।
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