पंजाब ने राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 स्वर्ण, 18 रजत, और 26 कांस्य पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है. यह पांच दिवसीय प्रतियोगिता 20 जुलाई को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में संपन्न हुई.
मेडल टैली और टॉप परफॉर्मर्स
महाराष्ट्र ने 21 स्वर्ण, 16 रजत, और 29 कांस्य पदकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तमिलनाडु 12 स्वर्ण, 14 रजत, और 15 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. मेजबान छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत, और 37 कांस्य पदकों के साथ छठा स्थान हासिल किया, जो राज्य के लिए गर्व की बात है.
हरियाणा चौथे स्थान पर रहा (9 स्वर्ण, 16 रजत, 16 कांस्य), उसके बाद उत्तर प्रदेश (9 स्वर्ण, 4 रजत, 9 कांस्य) पांचवें स्थान पर रहा. केरल, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, और ओडिशा जैसे राज्यों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया.
विशेष उपलब्धियां और सम्मान
असम राइफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया. मणिपुर के एथलीटों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा – यमनाम थोइसाना सिंह (60kg K1), सपम देवा सिंह (67kg full contact), मुतुम भूपेन (63kg K1), वाई लस्मी देवी (दोहरा स्वर्ण – 45kg kick light और light contact), और थियाम ओमिला (दोहरा स्वर्ण – 40kg point fighting और light contact) ने स्वर्ण पदक जीते.
प्रतिभागिता और आयोजन विवरण
इस National Kickboxing Championship 2025 में 28 राज्यों और संगठनों के 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न वेट और स्किल कैटेगरी में भाग लिया. पांच दिवसीय इवेंट (16-20 जुलाई) में लगभग 1200 एथलीट और 300 कोच शामिल हुए.
मुख्यमंत्री का संबोधन और भविष्य की योजनाएं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समापन समारोह में कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ खेल प्रोत्साहन योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें खेल के मैदानों का उन्नयन, आधुनिक उपकरणों का प्रावधान, खेल क्लबों को वित्तीय सहायता, और पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना शामिल है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग विशेष रूप से लड़कियों की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की.