Bens Stokes का रिकॉर्ड तोड़ 119 ओवर बोलिंग स्पेल: चोट के बावजूद इंग्लैंड के लिए समर्पण

नई दिल्ली: इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भारत के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में अपने करियर का सबसे बड़ा बोलिंग स्पेल पूरा कर एक नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने इस सीरीज में 119 ओवर की बोलिंग की है, जो उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (2013-14 एशेज में 116.5 ओवर) से भी अधिक है।

चोट के बावजूद टीम के लिए समर्पण

यह उपलब्धि इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्टोक्स को हाल ही में घुटने की सर्जरी हुई थी और वे पिछले साल से नियमित बोलिंग नहीं कर रहे थे। इसके बावजूद, टीम की जरूरत को देखते हुए उन्होंने खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया।

लॉर्ड्स में शानदार प्रदर्शन

लॉर्ड्स टेस्ट में स्टोक्स ने 44 ओवर की बोलिंग की, जो उनके करियर का तीसरा सबसे बड़ा बोलिंग स्पेल था। इस प्रदर्शन ने न केवल उनकी फिटनेस के बारे में सवाल खड़े किए बल्कि डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ाई।

बोलिंग अटैक में कमजोरी का समाधान

  • इंग्लैंड के बोलिंग अटैक में अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी थी
  • स्टोक्स ने इस स्थिति में खुद को आगे बढ़ाया
  • टीम को विकेट की जरूरत होने पर वे हमेशा तैयार रहे

शारीरिक चुनौती स्वीकार की

स्टोक्स ने अपनी थकान के बारे में कहा था कि वह “बस 4 दिन तक बिस्तर पर लेटे रहना चाहते हैं”, जिससे उनकी शारीरिक चुनौतियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

आंकड़ों में देखें

विवरणआंकड़े
कुल ओवर119 ओवर
कुल गेंदें714 गेंदें
पिछला सर्वश्रेष्ठ116.5 ओवर (2013-14 एशेज)
लॉर्ड्स में ओवर44 ओवर

टेस्ट क्रिकेट की भावना का प्रतीक

यह प्रदर्शन केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की सच्ची भावना का उदाहरण है। चोट, उम्र और दबाव के बावजूद स्टोक्स ने टीम की जरूरत को अपनी व्यक्तिगत सुविधा से ऊपर रखा।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि स्टोक्स का यह समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगा। उनकी यह पहल दिखाती है कि एक सच्चा कप्तान कैसे टीम के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है।

यह कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं है, बल्कि जुनून, नेतृत्व और टीम भावना की है – जो बेन स्टोक्स के 119 ओवर बोलिंग स्पेल में साफ दिखाई देती है।

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