छत्तीसगढ़ के दुर्ग में धर्मांतरण के नाम पर मानव तस्करी का खुलासा, पुलिस ने लड़कियों को आगरा ले जाने से रोका

छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने धर्मांतरण के लिए आगरा ले जाई जा रही आदिवासी लड़कियों को सफलतापूर्वक रोका। इस कार्रवाई में दो मिशनरी सिस्टर्स और तीन आदिवासी लड़कियों को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान मिशनरी सिस्टर्स के कब्जे से एक डायरी मिली है, जिसमें 8-10 अन्य लड़कियों की तस्वीरें भी पाई गई हैं, जिससे मानव तस्करी और अवैध धर्मांतरण के संभावित गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।

पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। दुर्ग पुलिस ने कहा कि बस्तर की तीन युवतियों के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है। नाबालिग लड़कियों को भिलाई के सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया है। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी के गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं।

इस घटना के बाद बजरंग दल ने भी विरोध जताया और ननों तथा अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थानीय मीडिया में इसे लेकर विभिन्न रिपोर्ट्स और वीडियो जारी हो चुके हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।

पुलिस प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने का संकल्प लिया है। धर्मांतरण के नाम पर मानव तस्करी रोकने के लिए राज्य सरकार और पुलिस सतर्क हैं।

मुख्य बिंदु:

  • दुर्ग रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने धर्मांतरण के लिए लड़कियों को आगरा ले जाने से रोका।
  • दो मिशनरी सिस्टर्स और तीन आदिवासी लड़कियों को हिरासत में लिया गया।
  • संदिग्धों के पास मिली डायरी में 8-10 अन्य लड़कियों की तस्वीरें मिलीं।
  • जांच में मानव तस्करी और अवैध धर्मांतरण का नेटवर्क सामने आया।
  • नाबालिग लड़कियों को सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया।
  • तीन आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी के आरोप दर्ज।
  • बजरंग दल ने घटना पर कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की।

यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी और धर्मांतरण रोकने की जरूरत को उजागर करता है। पुलिस और प्रशासन सतत निगरानी और कार्रवाई के तहत हैं।

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