छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बीते दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दीपका-कुचैना-इमलीछापर मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बहकर तबाह हो गया है, जिससे इस रास्ते पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। यह घटना एनटीपीसी रेल ओवरब्रिज के नीचे वाले हिस्से में घटित हुई है, जहां रेलवे की गेवरा रोड-पेंड्र्रा लाइन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। अधूरे निर्माण कार्य और जल निकासी की उचित व्यवस्था का अभाव इस आपदा के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
सड़क के बह जाने से स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से वे लोग जो प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करते हैं, वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई वाहन इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की लापरवाही इस समस्या को और भी गंभीर बना रही है, क्योंकि दो साल से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है।
इस मार्ग के बंद होने से न केवल आम जनता को परेशानी हो रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों ने एकजुट होकर स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करना, मार्ग को तुरंत दुरुस्त करके यातायात बहाल करना, और भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था करना शामिल है। कोरबा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है।