छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम से तकनीकी शिक्षा में नया अध्याय, युवाओं को मिलेंगी बेहतर करियर संभावनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं के तकनीकी भविष्य को संवारने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 25 जुलाई 2025 को लॉन्च किए गए इस अभूतपूर्व कार्यक्रम के तहत प्रदेश के मेधावी छात्रों को आईआईआईटी नया रायपुर में निःशुल्क एमटेक की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को डिजिटल युग में अग्रणी राज्य बनाना और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

फेलोशिप कार्यक्रम की विशेषताएं:

  • पूर्ण निःशुल्क शिक्षा: चयनित विद्यार्थियों की संपूर्ण ट्यूशन फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी
  • मासिक वृत्ति: प्रथम और द्वितीय वर्ष के दौरान ₹50,000 मासिक फेलोशिप प्रदान की जाएगी
  • तकनीकी सहायता: लैपटॉप और अन्य आवश्यक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे
  • व्यावहारिक अनुभव: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे अत्याधुनिक विषयों में विशेषज्ञता
  • सरकारी प्रोजेक्ट्स: एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, हेल्थ टेक, एजुटेक में कार्य अनुभव

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों को वास्तविक सरकारी परियोजनाओं पर काम करने का अवसर प्रदान करता है। डिजिटल इंडिया मिशन और नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम न सिर्फ तकनीकी शिक्षा बल्कि नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर देता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के तकनीकी परिदृश्य को उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस फेलोशिप प्रोग्राम के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की तकनीकी क्षमताओं को निखारकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ को आईटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड:

इच्छुक अभ्यर्थी आईआईआईटी नया रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट iiitnr.ac.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह कार्यक्रम मुख्यतः छत्तीसगढ़ के तकनीकी रूप से कुशल और प्रतिभाशाली युवाओं को लक्षित करता है। चयन प्रक्रिया में अकादमिक योग्यता, तकनीकी कौशल और नवाचार की क्षमता को विशेष महत्व दिया जाएगा।

फेलोशिप कार्यक्रम में शामिल छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे भविष्य की तकनीकों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। ये सभी क्षेत्र वर्तमान समय में न केवल भारत बल्कि विश्वभर में उच्च मांग में हैं और इनसे जुड़े पेशेवरों को आकर्षक वेतन पैकेज मिलते हैं।

राज्य के विकास में योगदान:

यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता से प्रदेश में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और अन्य तकनीकी पहलों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।

फेलोशिप प्राप्त करने वाले छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद स्टार्टअप्स शुरू कर सकते हैं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में उच्च पदों पर काम कर सकते हैं या फिर सरकारी तकनीकी परियोजनाओं में अपना योगदान दे सकते हैं। यह न केवल व्यक्तिगत करियर की दृष्टि से बल्कि समाज और राज्य के कल्याण के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो उन्हें तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करता है। ₹50,000 की मासिक फेलोशिप छात्रों को आर्थिक चिंताओं से मुक्त रखकर पूर्ण ध्यान अध्ययन पर केंद्रित करने में सहायक होगी।

इस कार्यक्रम की सफलता छत्तीसगढ़ को भारत के तकनीकी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में सहायक होगी और आने वाले समय में अन्य राज्य भी इसी तरह की योजनाओं को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

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