Chhattisgarh के बीजापुर में रात भर चली मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर! भारी हथियार बरामद

बास्तर के घने जंगलों में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी – INSAS राइफल समेत खतरनाक हथियारों का जखीरा मिला|
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार माओवादी मार गिराए गए। शनिवार शाम से शुरू होकर रात भर चली इस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी-नक्सल अभियान की एक और बड़ी जीत है।

घने जंगलों में शुरू हुआ ऑपरेशन

26 जुलाई, 2025 को शनिवार की शाम बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिम इलाके के घने जंगलों में यह एनकाउंटर शुरू हुआ। बसागुड़ा थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में हुई इस मुठभेड़ रात भर चलती रही। यह इलाका अपने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और घने वन आवरण के लिए जाना जाता है, जहां नक्सली अक्सर छुपकर रहते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने यह ऑपरेशन चलाया था। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्ट खबर मिलने के बाद संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

संयुक्त बल की शक्तिशाली टीम

इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में कई सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम शामिल थी। जिला रिजर्व गार्ड (DRG), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), कोबरा (CRPF की विशेष यूनिट) और अन्य राज्य बलों ने मिलकर यह अभियान चलाया। कोबरा यूनिट खासकर नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैयार की गई विशेष फोर्स है जो इस तरह के कठिन ऑपरेशन में माहिर है।

सुरक्षा बलों ने रणनीतिक तरीके से जंगल को घेरा और नक्सलियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया। रात भर चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मियों ने अपनी बहादुरी और रणनीतिक कुशलता का परिचय दिया।

भारी हथियारों का खतरनाक जखीरा

एनकाउंटर साइट से चार नक्सली शवों के साथ-साथ हथियारों का बड़ा और खतरनाक जखीरा बरामद हुआ है। इसमें शामिल हैं:

  • INSAS असॉल्ट राइफल – यह भारतीय सेना की मुख्य राइफल है
  • सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR) – एक शक्तिशाली स्वचालित हथियार
  • विस्फोटक सामग्री – जो IED बनाने में इस्तेमाल होती है
  • दैनिक उपयोग की वस्तुएं और अन्य लॉजिस्टिक सामान

इन हथियारों की बरामदगी से पता चलता है कि ये नक्सली काफी अच्छी तरह से हथियारों से लैस थे और बड़ी घटनाओं की योजना बना रहे हो सकते हैं।

आधिकारिक पुष्टि और बयान

बस्तर रेंज के महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा, “अब तक एनकाउंटर साइट से चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही INSAS और SLR राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित हथियारों का भारी जखीरा मिला है।”

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और इसमें किसी भी सुरक्षाकर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ।

2026 तक नक्सल मुक्त भारत का संकल्प

यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में चल रहे व्यापक एंटी-नक्सल अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बस्तर क्षेत्र को राज्य के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है, जहां दशकों से हिंसा का माहौल रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले 18 महीनों में बस्तर रेंज में 425 नक्सली कैडर विभिन्न एनकाउंटरों में मारे गए हैं। यह तेज़ी दिखाती है कि सुरक्षा बल नक्सल समस्या से निपटने में कितने गंभीर हैं।

यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस महत्वपूर्ण ऐलान के अनुरूप है जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि 31 मार्च, 2026 तक भारत पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने तमाम संसाधन और रणनीति तैयार की है।

जनता के लिए राहत की खबर

स्थानीय लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। नक्सली हिंसा के कारण इस इलाके के लोग दशकों से डर में जी रहे थे। स्कूल, अस्पताल और विकास के काम भी रुक जाते थे। इस तरह के सफल ऑपरेशन से उम्मीद है कि इलाके में शांति और विकास का माहौल बनेगा।

सुरक्षा बलों की यह कामयाबी साबित करती है कि सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति सही दिशा में काम कर रही है और जल्द ही पूरा देश इस समस्या से मुक्त हो जाएगा।

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