भिलाई के नेहरू नगर चौक में एक बड़ा सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जी हां, आपने सही पढ़ा! जिस जगह लोग अपनी सेहत और आराम के लिए जाते हैं, वहां चल रहा था बेहद गंदा खेल। दुर्ग पुलिस ने शनिवार को “ग्रीन डे स्पा सेंटर” पर छापा मारकर इस अवैध धंधे का पर्दाफाश किया है।
कैसे मिली सूचना?
25 जुलाई को पुलिस को एक मुखबिर से जानकारी मिली कि नेहरू नगर चौक के कोटक महिंद्रा बैंक के पास स्थित “ग्रीन डे स्पा” में कुछ गड़बड़ हो रही है। मुखबिर ने बताया कि यहां स्पा के नाम पर लड़कियों से देह व्यापार कराया जा रहा है और अवैध कमाई की जा रही है।
इस सूचना के बाद दुर्ग पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और स्पा सेंटर पर छापा मारने का फैसला किया। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो जो मंजर सामने आया, वो बेहद शर्मनाक था।
छापेमारी में क्या हुआ?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि वाकई में स्पा सेंटर की आड़ में यहां देह व्यापार का बड़ा नेटवर्क चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा सिस्टम बहुत ही व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा था। ग्राहकों को फोन करके बुलावा भेजा जाता था और उन्हें विभिन्न सेवाओं का लालच दिया जाता था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंदे धंधे के लिए चार अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टेली-कॉलर फोन करके ग्राहकों को तरह-तरह के ऑफर देकर स्पा सेंटर आने के लिए राजी करती थीं।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?
पुलिस ने इस ऑपरेशन में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें स्पा सेंटर की संचालिका संध्या कुमारी भी शामिल है। इसके अलावा दो ग्राहक अरविंद यादव और आदित्य सिंह भी पकड़े गए हैं, जो वहां गलत मकसद से आए थे।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि दो टेली-कॉलर जैनम और योगिता गंधर्व भी गिरफ्तार हुई हैं। पुछताछ में पता चला कि ये दोनों महिलाएं फोन करके ग्राहकों को झांसा देकर स्पा सेंटर बुलाने का काम करती थीं। ये लोग अलग-अलग तरह के ऑफर और पैकेज की बात करके लोगों को फंसाती थीं।
मुख्य गुनहगार अभी भी फरार
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी, यानी स्पा सेंटर का असली मालिक अब भी फरार है। पुलिस का कहना है कि वो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही उसे भी पकड़ने का दावा कर रही हैं।
क्या-क्या मिला बरामद?
छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं। आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, कई आधार कार्ड, 8 डायरियां, 4 रजिस्टर बरामद हुए हैं। इसके अलावा टाइप किए गए मोबाइल नंबरों का पूरा डेटा भी मिला है, जिससे पता चलता है कि यह कितना बड़ा नेटवर्क था।
पुलिस को 600 रुपये नकद और कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली हैं। पुलिस का मानना है कि ये सभी चीजें इस अवैध धंधे को चलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं।
पुलिस ने उठाया यह कदम
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने अपराध क्रमांक 857/2025 दर्ज किया है। केस अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5, और 7 के तहत दायर किया गया है।
सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने “ग्रीन डे स्पा सेंटर” का गुमास्ता लाइसेंस रद्द करने के लिए नगर पालिका को प्रतिवेदन भी भेज दिया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में यहां दोबारा ऐसा कोई धंधा न चल सके।
यह मामला दिखाता है कि कैसे कुछ लोग वैध बिजनेस की आड़ में अवैध काम करते रहते हैं। पुलिस की सक्रियता से इस बार एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है।