छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में 25 जुलाई को बिजली की दो अलग-अलग घटनाओं ने दो जिंदगियों का अंत कर दिया है। पहली घटना में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला बस्ती में बिजली विभाग CSEB के लिए कार्यरत 54 वर्षीय ठेका कर्मचारी मुंशीराम कांगो की मौत हो गई। वह बिजली के खंभे पर काम कर रहा था जब लोहे की सीढ़ी में करंट आ गया और उसे जोरदार झटका लगा।
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यह काम बिना विभागीय अनुमति के एक निजी व्यक्ति के प्लाट में बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए किया जा रहा था। विभाग की सुरक्षा लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर लोगों में गुस्सा है।
इसी दिन शहर के किसी अन्य हिस्से में भी एक और व्यक्ति की करंट से मौत हो गई, जिससे पूरे बिलासपुर में डर का माहौल छा गया है। एक ही दिन में दो करंट से होने वाली मौतों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने दोनों मामलों की विस्तृत जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि बिजली संबंधी कार्यों में सुरक्षा उपकरणों का सख्ती से इस्तेमाल किया जाए और कर्मचारियों को उचित ट्रेनिंग दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना छत्तीसगढ़ में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है।