केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी कदम: दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेगी डिजिटल क्रांति
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने इन क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत हजारों नए BSNL टावर लगाए जाएंगे, जो इन इलाकों की तस्वीर बदल देंगे।
मंत्री ने की बड़ी घोषणा
केंद्रीय ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने 27 जुलाई 2025 को अपनी तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान इस योजना की जानकारी दी। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है।
कितने टावर लगेंगे? आंकड़ों में भ्रम
इस योजना को लेकर एक दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ समाचार एजेंसियों ने 400 नए BSNL टावर लगाने की बात कही है, जबकि इकनॉमिक टाइम्स और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे प्रतिष्ठित अखबारों ने 4,000 टावर लगाने की खबर दी है।
यह 10 गुना का अंतर काफी बड़ा है और इससे पता चलता है कि या तो शुरुआती रिपोर्टिंग में कुछ भ्रम हुआ है या फिर इस प्रोजेक्ट के अलग-अलग चरणों की बात की जा रही है। हालांकि, मुख्य बात यह है कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
कैसे होगा काम?
मंत्री जी ने बताया कि यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। सबसे पहले सुरक्षा बलों और वन विभाग से जरूरी मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद ही टावर लगाने का काम शुरू होगा।
खास बात यह है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास के काम को ‘मिशन मोड’ में किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य देश के आखिरी गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
रायपुर में हुई अहम बैठक
यह घोषणा रायपुर में हुई एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के दौरान की गई। इस बैठक में ग्रामीण विकास विभाग, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और BSNL के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मंत्री जी ने इस मौके पर यह भी बताया कि BSNL फिलहाल पूरे देश में बेहतरीन 4G सेवाएं प्रदान कर रहा है।
सिर्फ टावर नहीं, और भी बड़ी योजनाएं
टावर लगाना सिर्फ शुरुआत है। सरकार इन इलाकों में कई और विकास के काम करने जा रही है:
शिक्षा क्षेत्र में क्रांति: स्कूलों को डिजिटल बनाया जाएगा ताकि यहां के बच्चे JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
विशेष सुविधाएं: दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
घर-घर सेवा: इन क्षेत्रों में घर-घर सेवा पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
नक्सल प्रभावित इलाकों में अक्सर संचार व्यवस्था कमजोर होती है। इससे न सिर्फ सामान्य लोगों को परेशानी होती है, बल्कि सुरक्षा बलों के लिए भी काम मुश्किल हो जाता है। बेहतर कनेक्टिविटी से इन इलाकों का विकास तेज हो सकता है और लोगों के जीवन में सुधार आ सकता है।
यह योजना छत्तीसगढ़ के दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद करेगी।