छत्तीसगढ़: कांग्रेसी नेता पर 13 लाख रुपए की नौकरी घोटाला, गांववाले परेशान!

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बड़ा नौकरी घोटाला सामने आया है जिसमें कांग्रेस सरकार के दौरान लौह शिल्प कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष रहे लोचन विश्वकर्मा पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए वसूले, लेकिन न तो नौकरी दी और न ही पैसे वापस किए।

9 गांववालों से वसूले 13 लाख रुपए

इस मामले में 9 ग्रामीणों से कुल 13 लाख रुपए लेने का आरोप है। पीड़ित लोगों का कहना है कि उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर पैसे लिए गए, लेकिन महीनों बाद भी कोई नौकरी नहीं मिली।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि 6 महीने पहले पीड़ितों ने सनौद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ और लोचन विश्वकर्मा को मार्च तक पैसे वापस करने का समय दिया गया। लेकिन वादा तोड़ने के बाद अब पीड़ित दोबारा थाने जाने को मजबूर हैं।

आरोपी का बयान: “पैसे रायपुर के बड़े अफसर को दिए”

जब लोचन विश्वकर्मा से इस मामले में सफाई मांगी गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने वाकई कुछ लोगों से नौकरी के नाम पर पैसे लिए हैं। उनका दावा है कि यह राशि उन्होंने रायपुर के एक बड़े पदाधिकारी को दे दी है।

विश्वकर्मा का कहना है कि वे पीड़ितों को उस अधिकारी से मिलवा भी चुके हैं और पैसे वापस करने का आश्वासन मिला है। उन्होंने वादा किया है कि जैसे ही उन्हें राशि मिलेगी, वे सभी को पैसे लौटा देंगे।

बालोद में नौकरी घोटाले की भरमार

यह केवल एक अकेला मामला नहीं है। बालोद जिले में कई नौकरी घोटाले की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि यहां एक व्यवस्थित गिरोह काम कर रहा था जो लोगों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर और झूठे सरकारी नौकरी के वादे करके ठगी कर रहा था।

स्थानीय पुलिस ने इन धोखाधड़ी की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पीड़ितों की राशि वसूलने में मदद की गई है।

कांग्रेस राज में घोटालों की श्रृंखला

यह मामला छत्तीसगढ़ में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कई नौकरी घोटालों में से एक है। राज्य में 2020-2022 के दौरान कई भर्ती घोटाले हुए हैं जिनकी जांच चल रही है। कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में CBI की जांच भी चल रही है।

बालोद में लोचन विश्वकर्मा के खिलाफ लगे आरोप इस बात को दिखाते हैं कि जिले और राज्य में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की समस्या कितनी गंभीर थी। उम्मीदवारों से सरकारी नौकरी के झूठे वादे करके बड़ी मात्रा में पैसे वसूले गए।

फिलहाल पीड़ित लोग अपने पैसे वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और अधिकारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे लोगों के नौकरी के सपनों का फायदा उठाकर उनके साथ धोखा किया गया।

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