कबीरधाम: पुलिस प्रताड़ना के आरोप में युवक की आत्महत्या, प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी लाइन अटैच

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक चोरी के मामले में पुलिस प्रताड़ना के आरोप में एक 35 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर भारी प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन अटैच करना पड़ा।

बोड़ला थाना क्षेत्र के तेंदूटोला गांव निवासी माखन यादव (35) ने गुरुवार शाम अपने घर के पास जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा लगातार प्रताड़ना और मानसिक दबाव के कारण माखन को यह कदम उठाना पड़ा। मामला 7 जून को हुई साढ़े तीन लाख रुपये की चोरी से जुड़ा है, जिसमें माखन के भाई गोपाल यादव को मुख्य आरोपी बताया गया था।

परिवार के अनुसार, चोरी के मामले में गोपाल यादव की तलाश में पुलिस बार-बार उनके घर आती रही और माखन से कड़ी पूछताछ करती रही। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अवैध रूप से पैसे की मांग की और मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर माखन यादव ने आत्महत्या का रास्ता चुना।

आत्महत्या की खबर फैलते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को पांडातराई नेशनल हाईवे (NH-130A) पर लाकर चक्काजाम कर दिया। देर रात तक चले इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मृतक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप भी हुआ है। क्षेत्रीय विधायक और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “प्रदेश में यादव समाज के साथ लगातार अत्याचार हो रहा है।” उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए गृहमंत्री पर सीधा आरोप लगाया। कांग्रेस के अन्य स्थानीय नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए और मृतक परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

भारी जनाक्रोश और यातायात बाधित होने की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। बोड़ला थाना प्रभारी राजेश चंड को लाइन अटैच कर दिया गया और उनकी जगह भोरमदेव थाना प्रभारी रूपक शर्मा को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया।

यह घटना मूल रूप से 7 जून को ग्राम बोल्दा में हॉजरी पटेल के घर हुई चोरी से शुरू हुई थी, जिसमें दो लाख तीस हजार नकद और सोना-चांदी मिलाकर कुल साढ़े तीन लाख रुपये की चोरی हुई थी। पुलिस ने मुकेश पटेल और मन्नू पटेल को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पूछताछ में गोपाल यादव का नाम मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में बताया था।

प्रशासनिक आश्वासन के बाद देर रात प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो गया। हालांकि, मामले की जांच अभी भी जारी है और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए उचित कार्रवाई का इंतजार है।

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