देश भर में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। 3 अगस्त 2025 को सुबह के समय जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना अब 96 हजार रुपये से भी ज्यादा प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है। यह बढ़ोतरी सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है।
इस साल 2025 में अब तक सोने के दाम 31 फीसदी बढ़ चुके हैं, जिससे यह साल का सबसे बेहतरीन निवेश साबित हो रहा है। पिछले 20 सालों में सोने ने जो कमाल का प्रदर्शन दिया है, वह किसी भी निवेशक के लिए हैरान करने वाला है।
सोने का यह सफर काफी दिलचस्प रहा है। साल 2005 में जहां 10 ग्राम सोना सिर्फ 7,638 रुपये में मिलता था, वहीं आज यह एक लाख रुपये के करीब पहुंच गया है। यानी कि इन 20 सालों में सोने के दाम 1200 प्रतिशत तक बढ़े हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि इन 20 सालों में से 16 साल सोने ने मुनाफा ही दिया है।
आज के ताजा भाव की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह 9:20 बजे सोने की कीमत 96,547 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसी वक्त चांदी 1,07,609 रुपये प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही थी।
इंडियन बुलियन एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 96,920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 88,843 रुपये प्रति 10 ग्राम के दाम पर मिल रहा है। चांदी की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर 1,07,700 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम में थोड़ा फर्क देखने को मिलता है। मुंबई में 24 कैरेट सोना 96,810 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा है। दिल्ली में यह 96,640 रुपये, कोलकाता में 96,680 रुपये, बेंगलुरु में 96,890 रुपये और हैदराबाद में 96,930 रुपये प्रति 10 ग्राम है। सबसे महंगा सोना चेन्नई में 97,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के दाम पर मिल रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर सोने के दाम इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती है जिसका असर सोने और चांदी दोनों पर पड़ता है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की वजह से शुरू हुए ट्रेड वॉर की चिंताओं ने सोने की गिरावट को रोक दिया है।
दुनिया भर के निवेशक अब सोने और चांदी को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं। जब भी बाजार में अस्थिरता आती है या कोई बड़ा जोखिम नजर आता है, तो लोग अपना पैसा सोने में लगाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि सोने को ‘सेफ हेवन’ यानी सुरक्षित आश्रय कहा जाता है।
वैश्विक व्यापारिक तनाव और मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव ने सोने की इस पारंपरिक भूमिका को और भी मजबूत बना दिया है। जब भी कोई बड़ी आर्थिक अनिश्चितता आती है, तो सोने की मांग बढ़ जाती है।
महंगाई की बढ़ती चिंता और केंद्रीय बैंकों की बदलती नीतियों का भी सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। जब पारंपरिक निवेश के तरीके जोखिम भरे लगने लगते हैं, तो निवेशक सोने की तरफ रुख करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए सोना और चांदी आने वाले समय में भी निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होंगे। बाजार में बढ़ती अस्थिरता और जोखिमों के कारण इन कीमती धातुओं की मांग में और भी इजाफा हो सकता है।
सोने का यह प्रदर्शन इसे निवेश पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है। लगातार नए रिकॉर्ड बनाना और ऊंचाइयों को छूना इसकी मजबूत स्थिति को दिखाता है। फिलहाल सोना न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है।
अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर स्थानीय कारकों जैसे कि परिवहन की लागत, स्थानीय टैक्स और मांग-आपूर्ति की स्थिति की वजह से होता है। चेन्नई में सबसे ज्यादा दाम होना दक्षिण भारत में सोने की पारंपरिक मांग को दर्शाता है।
भारतीय सोना बाजार में लगातार वृद्धि और स्थिरता देखी जा रही है, जो इसे एक भरोसेमंद निवेश का विकल्प बनाता है। मौजूदा रुझान को देखते हुए लगता है कि सोना आने वाले समय में भी निवेशकों की पहली पसंद बना रहेगा।
इन सब बातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि सोना आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पहले था। बल्कि आज के समय में तो यह और भी जरूरी हो गया है क्योंकि यह न सिर्फ आपकी संपत्ति को सुरक्षित रखता है बल्कि समय के साथ उसमें बढ़ोतरी भी करता रहता है।