Apple ने हाल ही में “Apple Intelligence” के साथ AI की बड़ी शुरुआत की थी, लेकिन कंपनी यहां रुकने वाली नहीं है। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, Apple एक बिल्कुल नया ChatGPT-जैसा सर्च एक्सपीरियंस तैयार कर रही है, जो Siri, Spotlight और Safari को पहले से कहीं ज़्यादा स्मार्ट बना देगा। आइए जानते हैं इस हाई-वोल्टेज प्रोजेक्ट के हर पहलू पर 650 शब्दों में पूरा अपडेट।
AI पर भारी निवेश का साफ़ संकेत
Cupertino बेस्ड टेक दिग्गज ने अपनी “Answers, Knowledge, and Information” टीम के लिए दर्जनों वैकेंसी निकाली हैं। लिस्ट में सबसे अहम रोल ये हैं:
- Staff Machine Learning Engineer – अमेरिका और चीन समेत कई स्थानों पर।
- Senior Speech Machine Learning Engineer – Siri के नए Conversational फीचर्स पर फ़ोकस करेगा।
इन भर्तियों का मक़सद साफ़ है: Apple के मौजूदा टूल्स—Siri, Spotlight, Safari और दूसरे iOS ऐप्स—को ऐसी समझ और फुर्ती देना कि यूज़र के सवालों का जवाब तुरंत, सटीक और बातचीत के अंदाज़ में मिले। जितनी तेज़ी से Apple इन जॉब पोस्टिंग को भर रहा है, उतनी ही तेजी से कंपनी का बजट और संसाधन भी AI दिशा में झोंके जा रहे हैं।
“Anser Engine”
प्रसिद्ध Apple विश्लेषक Mark Gurman के अनुसार, यह पहल अभी शुरुआती दौर में है। अंदरखाने इसे “Anser engine” कहा जा रहा है—ध्यान दीजिए, “Answer” नहीं, बल्कि “Anser”! इस इंजन का काम बिल्कुल ChatGPT की तरह यूज़र क्वेरी या सामान्य ज्ञान के सवाल पढ़ना, पूरे वेब को स्कैन करना और इंसान-जैसा जवाब बनाकर देना है।
प्रोजेक्ट के दो मेगा-कॉम्पोनेंट्स हैं:
- स्टैंडअलोन AI ऐप – ठीक ChatGPT की तरह, जहां यूज़र सीधे ऐप खोलकर कुछ भी पूछ सकेगा।
- सॉलिड बैक-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर – ताकि Siri, Spotlight और Safari के भविष्य के वर्ज़न्स में नई सर्च पावर इंटीग्रेट की जा सके।
यानी आने वाले समय में आप iPhone या Mac पर “Hey Siri” बोलते ही किताबों की लिस्ट से लेकर लेटेस्ट क्रिकेट स्कोर तक, सब कुछ एक ही संवाद में पा सकेंगे—बिना अलग टेब खोलने के झंझट के।
Google, Microsoft, OpenAI से सीधी भिड़ंत
AI के मैदान में Google का Gemini, Microsoft-OpenAI का ChatGPT और Amazon का मोटा AI बजट पहले ही छाए हुए हैं। ऐसे माहौल में Apple का नया सर्च इंजन प्रोजेक्ट कंपनी को बराबरी की रेस में ला देता है।
- Microsoft ने हाल ही में कई शीर्ष AI रिसर्चर्स को लुभाकर हेडलाइन बनाई।
- Google लगातार Gemini अपडेट्स के ज़रिए जनरेटिव सर्च को और पॉलिश कर रहा है।
- OpenAI ने प्लग-इन्स और मल्टी-मॉडलिटी से बार सेट हाई कर दिया है।
Apple इन दिग्गजों से पीछे न रह जाए, इसलिए अमेरिका और चीन में अपनी “Answers” टीम तेजी से बढ़ा रही है। जहां दूसरी कंपनियां “सर्च” को चैट में बदलने पर काम कर रही हैं, Apple चाहती है कि उसका इकोसिस्टम—iPhone, iPad, Mac, Vision Pro—सब एक साथ इस AI ब्रेन से जुड़ जाएं।
टाइमलाइन पर सवाल, यूज़र्स की उम्मीदें ऊँची
इतनी बड़ी तैयारी के बावजूद Apple के सामने दो बड़ी बाधाएँ हैं:
- देरी का ट्रैक-रिकॉर्ड – कंपनी ने conversational Siri को पहले ही टाल दिया है; माना जा रहा है कि यह फीचर iOS 27 तक नहीं आएगा। यूज़र्स, खासकर iPhone फैन्स, इस विलंब से कुछ नाख़ुश हैं।
- कठिन कैच-अप गेम – ChatGPT और Gemini पहले ही करोड़ों यूज़र्स के डैडासेट से सीखते-समझते आगे निकल चुके हैं। Apple को इनकी बराबरी में आने के लिए बेहद तेज़ी से मॉडल ट्रेनिंग, प्राइवसी सेफ़गार्ड और यूज़र एक्सपीरियंस—all-in-one—डिलिवर करने होंगे।
Apple की पहचान “It just works” वाले प्रोडक्ट्स के लिए रही है, इसलिए कंपनी जल्दबाज़ी में कोई अधपका फीचर नहीं उतारेगी। यही वजह है कि उसकी समयसीमा अभी अनिश्चित दिखती है, जबकि Google-OpenAI हर महीने नया अपडेट झाड़ रहे हैं।
Super-search सपना या AI का अगला धमाका?
यह पूरी कवायद दिखाती है कि Apple अब समझ चुका है—AI ही नई बैटलग्राउंड है। जब हर यूज़र का पहला सवाल, आख़िरी जवाब और बीच का काम सर्च-टू-चैट में हो रहा है, तब Apple को Siri को नए दिमाग से अपग्रेड करना ही होगा।
अगर “Anser engine” सच में ChatGPT-सरीखा संवाद, तगड़ी प्राइवेसी और Apple-ग्रेड इंटीग्रेशन दे सका, तो iPhone-यूज़र्स को अलग ऐप्स पर भागना नहीं पड़ेगा। पर अगर टाइमलाइन और इनोवेशन दोनों में देरी हुई, तो Google और Microsoft पहले से बनी बढ़त और पक्की कर लेंगे।
फ़ैसला आने वाले महीनों में साफ़ होगा, लेकिन इतना तय है—AI सुपर-सर्च की यह रेस बस शुरू हुई है, फ़िनिश लाइन अभी बहुत दूर।