गरियाबंद में चार नक्सलियों का सरेंडर, 16 लाख रुपये और भारी हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को चार नक्सलियों ने स्थानीय पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में दो महिला और दो पुरुष शामिल हैं, जिनकी पहचान दीपक, कैलाश, रनिता और सुजाता के रूप में की गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन नक्सलियों के पास से लगभग 16 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह घटना गरियाबंद जिले में नक्सली गतिविधियों पर एक महत्वपूर्ण प्रहार माना जा रहा है।

बरामद सामग्री की सूची में 31 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, 8 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 12 बोर के राउंड और डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने नक्सली वर्दी और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह सामग्री क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नक्सली गतिविधियों की योजना का हिस्सा थी।

इस महत्वपूर्ण सरेंडर के बाद रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और नक्सल ऑपरेशन के आईजी अंकित गर्ग तुरंत गरियाबंद पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का विस्तृत जायजा लिया और आगे की रणनीति पर चर्चा की। स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह सरेंडर पूर्णतः स्वैच्छिक था और इन नक्सलियों ने स्वयं ही पुलिस से संपर्क किया था।

फिलहाल चारों सरेंडर करने वाले नक्सलियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। इन नक्सलियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अन्य नक्सली ठिकानों की पहचान और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाती है। इसमें नकद प्रोत्साहन राशि, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन चारों नक्सलियों को भी सरकारी नीति के अनुसार सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

स्थानीय लोगों ने इस घटना का स्वागत किया है और कहा है कि यह क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। गरियाबंद जिला प्रशासन ने भी इस सफलता की सराहना की है और कहा है कि यह क्षेत्र की बेहतर सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गरियाबंद और आसपास के क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान और स्थानीय लोगों के सहयोग से नक्सलियों पर दबाव बढ़ रहा है। यह सरेंडर इसी दबाव का परिणाम माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में इन नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का मानना है कि यह सरेंडर न केवल क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति सुधारेगा बल्कि अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा।

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