छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक संवेदनशील घटना ने स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के ब्राह्मणपारा क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी एक मृत गाय को अत्यंत अनुचित तरीके से घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों में रोष फैलाया है बल्कि सामाजिक मीडिया पर भी व्यापक आक्रोश देखने को मिला है।
शनिवार की सुबह राजनांदगांव नगर निगम को सूचना मिली कि ब्राह्मणपारा इलाके में एक गाय मृत अवस्था में पड़ी हुई है। इस सूचना के बाद नगर निगम की स्वास्थ्य विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, जो कुछ इसके बाद हुआ, वह न केवल अमानवीय था बल्कि पशुओं के प्रति संवेदनहीनता का प्रदर्शन भी था।
वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि नगर निगम के कर्मचारियों ने मृत गाय को उठाने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की। इसके बजाय, उन्होंने गाय के शरीर को रस्सी से बांधा और ट्रैक्टर के साथ जोड़कर सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। यह दृश्य न केवल दिल दहला देने वाला था बल्कि यह दिखाता है कि कैसे सरकारी तंत्र में संवेदनशीलता की कमी है।
घटना के मुख्य बिंदु:
- घटना राजनांदगांव शहर के ब्राह्मणपारा इलाके में घटित हुई
- शनिवार सुबह नगर निगम को मृत गाय की सूचना मिली
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना उचित व्यवस्था के गाय को घसीटा
- वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से घसीटा गया
- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ
इस घटना को लेकर स्थानीय निवासियों में तीव्र आक्रोश देखा गया है। मोहल्ले के लोगों ने नगर निगम की इस कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की है और उन्होंने इसे पशुओं के प्रति अमानवीय व्यवहार करार दिया है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या नगर निगम के पास मृत पशुओं को हटाने के लिए उचित उपकरण और प्रक्रिया नहीं है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल पशुओं के साथ अन्याय हैं बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को भी आहत करती हैं। खासकर हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इस तरह का व्यवहार समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। कई लोगों ने इसे सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता का प्रतीक बताया है।
जनता की प्रतिक्रिया के मुख्य पहलू:
- स्थानीय लोगों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए
- धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात कही गई
- पशुओं के प्रति अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा
- उचित उपकरण और प्रक्रिया की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की गई
- सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का प्रदर्शन
वीडियो वायरल होने और व्यापक विरोध के बाद, नगर निगम के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने इस घटना में शामिल चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। इन कर्मचारियों में प्रभारी सफाई दरोगा, वार्ड प्रभारी और स्वास्थ्य विभाग के दो अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि नगर निगम प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझा है और वे इसे हल्के में नहीं ले रहे। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है और इस मामले में और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण:
- नगर निगम के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तत्काल कार्रवाई
- कुल चार कर्मचारियों को नोटिस जारी
- प्रभारी सफाई दरोगा को नोटिस
- वार्ड प्रभारी को नोटिस
- दो अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को नोटिस
- घटना की जांच का आदेश
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इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि क्या हमारे सरकारी तंत्र में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता है या नहीं। यह घटना दिखाती है कि नगर निगम के पास मृत पशुओं को हटाने के लिए उचित उपकरण और प्रक्रिया का अभाव है। एक आधुनिक और सभ्य समाज में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम को मृत पशुओं को हटाने के लिए विशेष वाहन और उपकरण की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को इस संबंध में उचित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना न केवल राजनांदगांव बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक चेतावनी है कि सरकारी संस्थानों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और उचित व्यवहार न केवल नैतिक दायित्व है बल्कि यह कानूनी आवश्यकता भी है। इस मामले से सीख लेते हुए, अन्य नगर निगमों को भी अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं न हों।