छत्तीसगढ़ में ड्रग्स माफिया का जाल: रायपुर पुलिस ने एक दिन में दो सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, करोड़ों का नशा बरामद

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी के खिलाफ पुलिस की सक्रिय कार्रवाई जारी है। रविवार को रायपुर पुलिस ने एक साथ दो बड़े ड्रग्स सिंडिकेट पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में फैले ड्रग्स माफिया के खिलाफ पुलिस के निरंतर अभियान का हिस्सा है।

पुलिस की इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वीडियो कॉलिंग और लोकेशन शेयरिंग के माध्यम से हेरोइन की सप्लाई का धंधा चला रहे थे। पहली कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने एक महिला पैडलर हरप्रीत कौर उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 9.5 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने उसके कब्जे से एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

यह गिरोह बेहद चालाकी से अपना धंधा चलाता था और तकनीकी साधनों का भरपूर उपयोग करता था। हरप्रीत कौर फरार आरोपी रूपिंदर उर्फ पिंदर के मकान में किराए पर रहती थी और दोनों मिलकर हेरोइन की बिक्री का काम करते थे। यह सिंडिकेट न केवल स्वयं हेरोइन की बिक्री करता था बल्कि विजय मोटवानी नामक व्यक्ति को भी बिक्री के लिए ड्रग्स उपलब्ध कराता था। पैसों का लेन-देन भी इसी नेटवर्क के माध्यम से होता था।

रायपुर पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। थाना गंज क्षेत्र के देवेंद्र नगर स्थित ओवर ब्रिज के नीचे रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पर पुलिस ने तीन आरोपियों को एमडीएमए ड्रग्स के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनमें मुख्य आरोपी मोनू विश्नोई है जो हरियाणा के हिसार जिले का निवासी है। इस गिरोह के पास से पुलिस ने कुल 27.58 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, एक सोनेट कार, नगदी रकम, तौल मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार इस दूसरी कार्रवाई में बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों में हर्ष आहूजा जो रायपुर के कटोरा तालाब इलाके का निवासी है और दीप धनोरिया जो समृद्धि फ्लैट अंवति विहार का रहने वाला है, शामिल हैं। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम की सफलता का परिणाम है।

रायपुर पुलिस की इन कार्रवाइयों से पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में ड्रग्स माफिया की जड़ें कितनी गहरी हैं। अब तक रायपुर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग एक करोड़ 58 लाख रुपये के खुदरा मूल्य के हेरोइन को जब्त किया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि यहां नशीले पदार्थों का व्यापार कितने बड़े पैमाने पर चल रहा है।

हेरोइन प्रकरण में पहले भी पुलिस ने दो महिलाओं सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने हरप्रीत कौर को गिरफ्तार किया है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व में गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों के कब्जे से पुलिस ने 273.19 ग्राम हेरोइन, एक दोपहिया वाहन और पांच मोबाइल फोन जब्त किए थे, जिसकी खुदरा बाजार कीमत लगभग 57 लाख रुपये बताई गई थी।

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पुलिस ने दोनों मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। हेरोइन मामले में थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 183/25 के तहत धारा 21बी, 21(सी), 29 नारकोटिक्स एक्ट और 111 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं एमडीएमए मामले में थाना गंज में अपराध क्रमांक 222/25 के तहत धारा 21(सी), 29 नारकोटिक्स एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार वे फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य संदिग्ध आरोपियों की विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील राज्य में ड्रग्स माफिया की बढ़ती गतिविधियां चिंता का विषय हैं। राज्य के तेज विकास के साथ-साथ यहां नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ रही है, जिसका फायदा उठाकर अंतरराज्यीय गिरोह यहां अपना नेटवर्क फैला रहे हैं।

रायपुर पुलिस की यह सफलता दिखाती है कि कानून व्यवस्था एजेंसियां इस समस्या से निपटने के लिए कितनी गंभीर हैं। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने वाले इन ड्रग्स माफिया के खिलाफ पुलिस भी अत्याधुनिक तरीकों से कार्रवाई कर रही है।

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