छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में आज सुबह एक गंभीर रेल हादसा हुआ है। उरकुरा रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात के समय घटित हुई है, जिसके कारण रायपुर-उरकुरा रेल खंड पर अप-डाउन दोनों लाइनों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी के कई डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए हैं। यह मालगाड़ी ऑटोमोबाइल कैरियर की श्रेणी में आती है, जिसमें कार, एसयूवी और मोटरसाइकिलें लदी हुई थीं। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य शुरू कर दिया है।
इस हादसे का सबसे गंभीर प्रभाव रेल यातायात पर पड़ा है। रायपुर-उरकुरा रूट पर संचालित होने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें इस हादसे के कारण प्रभावित हुई हैं। अमृतसर से बिलासपुर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस को उरकुरा स्टेशन के पास रोकना पड़ा है। इन ट्रेनों के यात्री घंटों से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारण उप और अवरोही दोनों मार्गों की रेल सेवाएं बाधित हो गई हैं। कई ट्रेनें बीच रास्ते में खड़ी हो गई हैं, जिससे हजारों यात्री परेशानी का सामना कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुछ ट्रेनों को अन्य प्लेटफार्म से चलाने का निर्णय लिया है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग की तकनीकी टीम और सुरक्षा दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गया। रेलवे के वरिष्ठ डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रैक की मरम्मत और डिब्बों को हटाने का काम युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। लगभग दो सौ कर्मचारियों की टीम इस कार्य में लगी हुई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, डिरेल हुए डिब्बों को पटरी पर वापस स्थापित करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इंजीनियरिंग टीम ट्रैक के पैरामीटर्स की जांच कर रही है ताकि हादसे के मूल कारणों का पता लगाया जा सके। सुरक्षा दल भी घटना की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।
रेल यातायात में बाधा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। प्रभावित ट्रेनों को प्लेटफार्म संख्या पांच और छह से डायवर्ट करके चलाया जा रहा है। इससे प्रत्येक ट्रेन के संचालन में अतिरिक्त नौ से दस मिनट का समय लग रहा है, लेकिन कोई भी ट्रेन रद्द नहीं की गई है।
रायपुर रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग की तरफ जाने वाली ट्रेनें और दुर्ग से बिलासपुर या रायपुर से बिलासपुर की तरफ जाने वाली ट्रेनें लगातार चल रही हैं। हालांकि प्लेटफार्म एक और दो का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
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प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मालगाड़ी नागपुर डिवीजन के आंध्रा से लोड की गई थी। ट्रेन में लौह अयस्क और आयरन ओर से भरे डिब्बे थे। घटना के समय मालगाड़ी दस किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से चल रही थी, जिसके कारण कोई बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई है।
रेलवे इंजीनियर्स का कहना है कि धीमी गति के कारण डिब्बों को अधिक नुकसान नहीं हुआ है और न ही ट्रैक को गंभीर क्षति पहुंची है। तकनीकी टीम ट्रैक और वैगन के सभी पैरामीटर्स का अध्ययन कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह पहली बार नहीं है जब रायपुर में इस तरह का रेल हादसा हुआ है। इससे पहले मई 2025 में भी रायपुर रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उस समय भी कई घंटों तक रेल यातायात बाधित रहा था और बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते मालगाड़ी यातायात और पुराने ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ में कोयला और लौह अयस्क की ढुलाई के लिए भारी मालगाड़ियों का संचालन होता रहता है, जिससे ट्रैक पर अधिक दबाव पड़ता है।
रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि राहत कार्य पूरा होते ही रेल यातायात सामान्य हो जाएगा। प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और आशा है कि जल्द ही सभी ट्रेनों का संचालन सामान्य हो जाएगा।
रेलवे मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, ऐसी घटनाओं के बाद ट्रैक की संपूर्ण जांच करना अनिवार्य है। इसके बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाता है। वर्तमान में इंजीनियरिंग विभाग ट्रैक की फिटनेस जांच में जुटा हुआ है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है और कहा है कि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस हादसे से छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क पर व्यापक प्रभाव पड़ा है, लेकिन तत्काल राहत कार्य के कारण स्थिति नियंत्रण में है।