रायपुर, 31 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। ताजा घटनाक्रम में रायपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत मुंबई से एक हाईप्रोफाइल इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक को गिरफ्तार किया है। 29 वर्षीय नव्या पर मुंबई और दिल्ली से रायपुर में एमडीएमए समेत अन्य प्रतिबंधित ड्रग्स की सप्लाई करने का गंभीर आरोप है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नव्या हाल ही में गिरफ्तार किए गए ड्रग्स पैडलर हर्ष आहूजा की करीबी महिला मित्र है, और दोनों मिलकर रायपुर में एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट को संचालित कर रहे थे। इस गिरफ्तारी से शहर के नशे के कारोबार पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि नव्या का नेटवर्क हाई सोसाइटी और रसूखदार परिवारों तक फैला हुआ था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि नव्या मलिक लंबे समय से रायपुर और उसके आसपास के इलाकों में ड्रग्स की अवैध सप्लाई में संलिप्त थी। वह शहर के प्रमुख कारोबारियों, रसूखदार परिवारों से जुड़े युवाओं और हाईप्रोफाइल पार्टियों को अपना निशाना बनाती थी। क्लबों, आफ्टर-पार्टियों और प्राइवेट इवेंट्स में अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगे फैशन के जरिए वह युवाओं से संपर्क साधती थी। इन संपर्कों के माध्यम से वह उन्हें अपने ड्रग्स नेटवर्क में शामिल करती थी, जिससे रायपुर में नशे की लत युवाओं के बीच तेजी से फैल रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नव्या की यह रणनीति बेहद चालाकी भरी थी, क्योंकि वह खुद को एक सफल इंटीरियर डिजाइनर के रूप में पेश करती थी, जो बाहर से देखने में पूरी तरह सामान्य लगती थी। लेकिन अंदर ही अंदर वह मुंबई और दिल्ली से ड्रग्स का बड़ा कारोबार चला रही थी।
नव्या और हर्ष आहूजा की जोड़ी रायपुर ड्रग्स तस्करी के मामले में मुख्य कड़ी साबित हो रही है। दोनों के घर रायपुर में एक-दूसरे के बगल में स्थित हैं, जो उनके करीबी रिश्ते की पुष्टि करता है। हर्ष आहूजा की कुछ दिनों पहले हुई गिरफ्तारी के बाद ही नव्या का नाम जांच में सामने आया था। हर्ष की पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नव्या को ट्रैक करना शुरू किया। गिरफ्तारी से पहले नव्या फरार हो गई थी और पुलिस ने उसके कटोरा तालाब स्थित घर पर छापेमारी भी की थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगी। आखिरकार, लगातार तकनीकी निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट्स के जरिए रायपुर पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और नव्या को धर दबोचा। इस ऑपरेशन में पुलिस ने नव्या के पास से प्रतिबंधित नशीली टैबलेट्स, ड्रग्स सप्लाई से जुड़े रैपर और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन सामग्रियों की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है, जो इस रैकेट की विशालता को दर्शाती है।
ड्रग्स की सप्लाई का तरीका भी पुलिस जांच में उजागर हुआ है। नव्या ज्यादातर मुंबई और दिल्ली से ट्रेन के माध्यम से ड्रग्स रायपुर पहुंचाती थी। यह तरीका इसलिए चुना गया क्योंकि ट्रेन यात्रा में जांच की संभावना कम होती है और बड़ी मात्रा में सामान आसानी से ले जाया जा सकता है। रायपुर पहुंचने के बाद हर्ष आहूजा ग्राहकों की मांग के अनुसार ड्रग्स की डिलीवरी करता था। पुलिस का अनुमान है कि इस नेटवर्क के ग्राहकों में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें कारोबारी, युवा प्रोफेशनल्स और हाई सोसाइटी के लोग हैं। इन ग्राहकों को ड्रग्स की लत लगाने के लिए नव्या पार्टियों में मुफ्त सैंपल भी उपलब्ध कराती थी, जो बाद में बड़े ऑर्डर में बदल जाते थे। इस तरह का सिंडिकेट न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में नशे की समस्या को बढ़ावा दे रहा था, और पुलिस अब इसकी जड़ें खोदने में जुटी हुई है।
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गिरफ्तारी के बाद नव्या मलिक से पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है। उसे गंज थाने में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नव्या को रिमांड पर लिया है, ताकि गहन पूछताछ की जा सके। उसके मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जहां डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस जांच से रायपुर समेत अन्य शहरों में फैले नव्या के नेटवर्क और उसके सप्लायरों के नाम उजागर होंगे। पुलिस को उम्मीद है कि इससे अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश होगा, जो मुंबई, दिल्ली और रायपुर को जोड़ता है।
रायपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन निश्चय’ नशे के खिलाफ एक व्यापक अभियान है, जिसके तहत अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इस ऑपरेशन में पुलिस ने अंतरराज्यीय सप्लायरों पर विशेष फोकस किया है, और नव्या की गिरफ्तारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल के महीनों में रायपुर में ड्रग्स से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें विदेशी सप्लायरों की भी भूमिका पाई गई है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले पुलिस ने पाकिस्तान-पंजाब रूट से आने वाले हेरोइन नेटवर्क को तोड़ा था, जिसमें नौ आरोपी गिरफ्तार हुए थे। ऐसे मामलों से साफ है कि रायपुर ड्रग्स तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, और पुलिस की सख्ती से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
नव्या मलिक की गिरफ्तारी से शहर के युवाओं और अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईप्रोफाइल पार्टियों में ड्रग्स का चलन बढ़ रहा है, जो समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। पुलिस अब ऐसे इवेंट्स पर नजर रख रही है और जनता से अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें। इस मामले में आगे की जांच से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जो रायपुर ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क को उजागर कर सकता है।
इस घटना से साफ है कि नशे का कारोबार अब साधारण पैडलरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पेशेवर और शिक्षित लोग भी इसमें शामिल हो रहे हैं। नव्या जैसी महिलाएं, जो बाहर से सफल करियर वाली दिखती हैं, अंदर से बड़े अपराधी साबित हो रही हैं। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक गिरफ्तारी है, बल्कि नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है। आने वाले दिनों में ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत और भी कार्रवाइयां होने की उम्मीद है, जो छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।