रायपुर के लाखेनगर इलाके में स्थापित AI जनरेटेड गणपति प्रतिमा विवाद गुरुवार रात बड़े हंगामे में तब्दील हो गया जब बजरंग दल और राम भक्त सेना के कार्यकर्ताओं ने पंडाल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया. सिंधु युवा एकता गणेश उत्सव समिति द्वारा स्थापित इस अनूठी प्रतिमा को लेकर हिंदू संगठनों ने भगवान के स्वरूप के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है.
प्रदर्शनकारियों ने लाखेनगर चौराहे पर सड़क जाम कर यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल 12 थानों के थानेदारों को तैनात किया और ASP व CSP भी मौके पर पहुंचे. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा.
हिंदू संगठनों का मुख्य आरोप यह है कि 4 सितंबर की रात लगभग 2:18 बजे पंडाल में फिल्मी और अश्लील गीत बजाए गए जिस पर लोग डांस कर रहे थे. विशेष रूप से “द डर्टी पिक्चर” फिल्म का “ऊ लाला ऊ लाला” जैसा आपत्तिजनक गाना बजाया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया.
नील कंठेश्वर मंदिर के पुजारी नील कंठेश्वर महाराज ने इस पूरे प्रकरण को सनातन धर्म का अपमान बताया है. उनका कहना है कि हिंदू संगठनों द्वारा पहले ही मूल स्वरूप में प्रतिमा स्थापित करने की चेतावनी दी गई थी लेकिन समिति ने इसे नजरअंदाज किया.
पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद लगभग 4 घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रतिमा को पर्दे से कवर किया गया और पंडाल की लाइटें बंद करा दी गईं. आजाद चौक थाने में राम भक्त सेना के प्रवक्ता खेमसागर हियाल की शिकायत पर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया गया है.
यह घटना रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के आधुनिकीकरण को लेकर चल रहे व्यापक विवाद का हिस्सा है जहाँ “AI गणेश”, “क्यूट गणेश” और “ट्रेंडिंग गणेश” जैसे नामों के इस्तेमाल पर हिंदू संगठनों ने पहले भी आपत्ति जताई थी. AI तकनीक से बनी इस प्रतिमा में आंखों की पलकें खुलने-बंद होने की विशेष व्यवस्था भी थी जो लोगों का खासा ध्यान खींच रही थी.
हंगामे और विरोध के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोग गणपति की फोटो क्लिक करते रहे जो दर्शाता है कि धार्मिक आस्था में कमी नहीं आई है. फिलहाल इलाके में शांति बहाल हो गई है लेकिन पुलिस स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है