प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर 2025 को राष्ट्र के नाम संबोधन में जीएसटी 2.0 (GST 2.0) की ऐतिहासिक शुरुआत की घोषणा की, जिसने देश में टैक्स प्रणाली को नये स्वरूप में प्रस्तुत करते हुए आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। पीएम मोदी के अनुसार, 22 सितंबर से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत हो रही है, जिसमें नए स्लैब और दरों के लागू होने से हर वर्ग को फायदा मिलेगा। इस रिफॉर्म को ‘नेक्स्ट जनरेशन सुधार’ बताया गया है.
रविवार शाम को अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को नवरात्रि एवं त्योहारों की शुभकामनाएं दीं, साथ ही जीएसटी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उनका मुख्य संदेश था – ‘गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं, मैं स्वदेशी बेचता हूं’, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देता है। मोदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में जीएसटी और आयकर से संबंधित छूट के कारण देशवासियों को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है—इससे बाजार में उपभोक्ता विश्वास और मांग दोनों तेजी से बढ़ी हैं.
जीएसटी 2.0 की सबसे बड़ी बात यह है कि अब राष्ट्र में दो मुख्य टैक्स स्लैब – 5% और 18% – लागू रहेंगे। पहले जीएसटी में चार टैक्स स्लैब थे, जिससे आम आदमी, व्यापारी और छोटे व्यवसायी बार-बार उलझन में पड़ते थे। अब रोजमर्रा की चीज़ें जैसे दूध, दवाइयां, साबुन, ब्रश, पेस्ट, बीमा, डेयरी आइटम, छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ट्रांसपोर्ट सर्विस, पैक्ड खाने-पीने के सामान सिर्फ 5% पर आ गए हैं। वहीं 18% अब सामान्य वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होगा, जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम, ऑटोमोबाइल, मोबाइल फोन आदि। खास ‘सिन गुड्स’ जैसे तंबाकू, पान मसाला, सॉफ्ट ड्रिंक्स इत्यादि पर विशेष 40% जीएसटी स्लैब बनाए गए हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादन की आवश्यकता पर तेज़ी से जोर दिया। उन्होंने अपील की कि राज्यों को भी स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने की नीति स्वीकार करनी चाहिए और भारत के हर घर, दुकान तथा संस्थान को स्वदेशी के प्रतीक के रूप में विकसित होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा—“अब विदेशी उत्पादों के स्थान पर भारतीय उत्पादों को अपनाइए, ताकि MSME सेक्टर को मजबूती मिले, रोजगार के अवसर बढ़ें, और देश की आर्थिक ताकत और आत्मनिर्भरता तेज़ हो सके।”.
कॉम्प्लायंस, ट्रांसपेरेंसी और डिस्प्यूट फ्री सिस्टम के लिए मोदी सरकार व जीएसटी काउंसिल ने कई एडवांस टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स और डिजिटल प्लेटफार्म लागू किए हैं। अब जीएसटी पोर्टल और इनवॉयसिंग सिस्टम स्मार्ट हो गए हैं—हर व्यापारी को नए नियमों के अनुसार इनवॉयस अपडेट करना होगा और MSME को क्लेम्स में ज्यादा सहजता प्राप्त होगी। इससे बिजनेस में एफिशिएंसी बढ़ेगी, सरकारी राजस्व में इंपैक्ट कम होगा, और टैक्स चोरी या गड़बड़ी के मामले घटेंगे.
मोबाइल फोन पर जीएसटी की दर 18% बनी रहेगी, जिसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। हालांकि, कई इलेक्ट्रॉनिक गुड्स जैसे TV, बाइक, वॉशिंग मशीन इत्यादि पर टैक्स दरों में कटौती की गई है। इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद शक्ति बढ़ेगी और मार्केट में ग्रोथ आएगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है—देश की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि टैक्स राहत से नव-मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी, महिलाएं, युवा और हर आम नागरिक को सीधे फायदा मिलेगा। त्यौहारों के मौसम में आम परिवारों को बजट में आसानी और अधिक सुविधा मिलेगी.
उन्होंने कहा कि पहले राज्यों व कंपनियों को टैक्स के जटिल जाल से जूझना पड़ता था। व्यवसायों को यानी MSME, छोटे दुकानदार, घरेलू उत्पादन इकाई – इन सबको टैक्स कॉम्प्लायंस और लॉजिस्टिक्स में बड़ी दिक्कत आती थी। लेकिन अब जीएसटी 2.0 के साथ पूरे देश में ‘वन नेशन वन टैक्स’ का सपना साकार हुआ है, जिससे राज्यों और केंद्र की इकाइयों दोनों को लाभ मिलेगा। नया सिस्टम विकास को गति देगा, निवेश बढ़ाएगा, और ‘मेक इन इंडिया’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।.
कोविड-19 के बाद से भारत में आर्थिक सुधारों की आवश्यकता सशक्त थी। विश्व के बाजारों में लागत व प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण, टैक्स कटौती व सिस्टम का सरलीकरण आवश्यक हो गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि GST 2.0 तरीका भारत की ग्रोथ स्टोरी को एक्सेलरेट करेगा, घरेलू मांग व निवेश बढ़ाएगा, और हर राज्य को विकास की दौड़ में बराबरी का मौका देगा.
इस फैसले का स्वागत सभी वर्गों—व्यापारियों, महिला उद्यमियों, किसानों, मध्य वर्ग, युवा– ने किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘बचत महोत्सव’ के तहत आम लोग अपने रोजमर्रा के बजट में बड़ी बचत देखेंगे और खरीददारी उनके लिए और अधिक सुलभ व मुफीद बन जाएगी। राज्य सरकारों व स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि टैक्स कंफ्यूजन और कॉम्प्लायंस की पारदर्शिता को देशभर में लागू किया जाए, जिससे नागरिकों को रिफॉर्म्स का पूरा लाभ मिले.
GST 2.0 के लागू होने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश को तकनीकी नवाचार, निवेश की सुगमता, और योग्यता आधारित विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। देश के हर वर्ग को इस रिफॉर्म के जरिए आर्थिक स्थिरता, बजट में राहत और व्यापार की अधिक सुविधाएं मिलेंगी। यह फैसला भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और अधिक मजबूती देगा तथा आत्मनिर्भर भारत निर्माण के सपना को साकार करेगा.