Chhattisgarh Road Accident: कबीरधाम में SUV-Truck की भीषण टक्कर, 3 महिलाएं और बच्ची समेत 5 की मौत

Chhattisgarh के कबीरधाम जिले में रविवार शाम को एक भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर हुई इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में तीन महिला शिक्षिकाएं, एक नाबालिग बच्ची और गाड़ी का ड्राइवर शामिल हैं। यह दुर्घटना तब हुई जब पश्चिम बंगाल से आए पर्यटकों की बोलेरो एसयूवी और एक तेज रफ्तार ट्रक के बीच सीधी टक्कर हो गई ।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना रविवार शाम करीब 4:30 बजे चिल्फी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अकलघरिया गांव के पास चिल्फी घाटी में हुई। बोलेरो में ड्राइवर समेत कुल दस लोग सवार थे, जो मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सैर करके वापस लौट रहे थे। परिवार का इरादा बिलासपुर पहुंचकर कोलकाता के लिए ट्रेन पकड़ने का था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए जानलेवा साबित हो गई ।

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि ट्रक कवर्धा से अमरकंटक की ओर तेज रफ्तार में जा रहा था और गलत साइड से आ रहा था। अचानक ट्रक ने बोलेरो एसयूवी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो पूरी तरह से चकनाचूर हो गई और यात्री अंदर फंस गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचित किया ।

घटनास्थल पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने मलबे में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांचवीं पीड़िता, जो एक नाबालिग बच्ची थी, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन महिला शिक्षिकाएं, बोलेरो का ड्राइवर और एक छोटी बच्ची शामिल हैं। सभी पीड़ित पश्चिम बंगाल के निवासी थे ।

घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत देखते हुए बाद में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में से दो लड़कियों को कवर्धा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। एक घायल व्यक्ति को बोडला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जबकि दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए रायपुर के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है ।

यह दुर्घटना उस समय हुई जब परिवार मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सैर करके वापस अपने घर जा रहा था। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। परिवार ने अपनी छुट्टियों में इस खूबसूरत जगह को देखने का फैसला किया था और वे सुखद यादों के साथ घर लौट रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था ।

घटना के बाद व्यस्त राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है, लेकिन ट्रक का ड्राइवर घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस परिवार के सदस्यों को सूचित करने का प्रयास कर रही है ।

यह हादसा एक बार फिर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने लाता है। चिल्फी घाटी के इस हिस्से में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। इस मामले में भी ट्रक ड्राइवर तेज रफ्तार में गलत साइड से आ रहा था, जिसकी वजह से यह भीषण हादसा हुआ ।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर भारी वाहनों की आवाजाही काफी ज्यादा होती है। यह मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को जोड़ता है और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि, कई ट्रक ड्राइवर तेज गति से गाड़ी चलाते हैं और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ।

यह दुखद घटना इस बात की याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा कितनी जरूरी है। हर साल भारत में हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं मानवीय भूलों के कारण होती हैं, जिन्हें थोड़ी सावधानी और जिम्मेदारी से टाला जा सकता है। तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन प्रमुख कारण हैं ।

कबीरधाम जिला प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राजमार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने भारी वाहनों की चेकिंग तेज कर दी है और तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने ड्राइवरों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और जिम्मेदारी से गाड़ी चलाएं ।

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। जो लोग खुशी-खुशी घूमने गए थे, वे कभी अपने घर नहीं लौट पाएंगे। घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है ।

पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और ट्रक ड्राइवर की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना के वास्तविक कारण क्या थे और किसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ ।

यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर, सख्त नियम, नियमित वाहन चेकिंग और लोगों में जागरूकता से इन दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। सरकार और यातायात पुलिस को मिलकर ऐसे उपाय करने होंगे जिससे सड़कों पर लोगों की जान सुरक्षित रहे।

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