RKM Powergen Pvt Ltd हादसा: लिफ्ट गिरने से 4 मजदूरों की मौत, 6 घायल, जांच जारी

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार रात एक भीषण औद्योगिक हादसे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया जब RKM Powergen Pvt Ltd के पावर प्लांट में एक लिफ्ट करीब 40 मीटर की ऊंचाई से गिर गई । इस दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए । यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है ।

उच्छपिंडा गांव के दबरा क्षेत्र में स्थित इस निजी पावर प्लांट में मंगलवार की शाम करीब 10 मजदूर अपने रूटीन कार्य को पूरा करने के बाद बॉयलर सेक्शन से जुड़ी लिफ्ट में सवार होकर नीचे उतर रहे थे । सभी मजदूर दिनभर की मेहनत के बाद थके हुए थे और अपने घर जाने की तैयारी में थे, तभी अचानक यह दर्दनाक हादसा हो गया । लिफ्ट अचानक टूट गई और करीब 40 मीटर की ऊंचाई से सीधे नीचे गिर गई, जिससे अंदर मौजूद सभी मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए ।

सक्ती की सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस अंकिता शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लिफ्ट में करीब 10 मजदूर सवार थे जो अपने दैनिक कार्य के बाद जमीनी स्तर पर उतर रहे थे । उन्होंने बताया कि लिफ्ट अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई और सभी मजदूर घायल हो गए । हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया ।

घायल मजदूरों को तत्काल पड़ोसी रायगढ़ जिले के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया । हालांकि चार मजदूरों की हालत इतनी गंभीर थी कि उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया । शेष छह मजदूर अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है । अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ।

बिलासपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस संजीव शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब तक चार मौतों की पुष्टि हो चुकी है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है । उन्होंने बताया कि पुलिस टीम मौके से सबूत इकट्ठा कर रही है और प्लांट के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है । जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर लिफ्ट दुर्घटना का कारण क्या था और क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था ।

एसपी अंकिता शर्मा ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटनाग्रस्त लिफ्ट की क्षमता करीब 2,000 किलोग्राम थी । उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस लिफ्ट का रखरखाव कार्य हाल ही में 29 सितंबर को पूरा किया गया था, यानी दुर्घटना से महज नौ दिन पहले ही इसकी मेंटेनेंस की गई थी । यह जानकारी हादसे को और भी चौंकाने वाला बनाती है क्योंकि सवाल उठता है कि अगर हाल ही में रखरखाव किया गया था तो फिर लिफ्ट कैसे दुर्घटनाग्रस्त हो गई ।

पुलिस ने लिफ्ट दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी है । जांच टीम यह पता लगा रही है कि क्या लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी थी, क्या रखरखाव ठीक से किया गया था, या फिर लिफ्ट में क्षमता से अधिक वजन लाद दिया गया था । अधिकारियों ने कहा है कि जांच में सभी पहलुओं को देखा जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।

यह हादसा छत्तीसगढ़ में औद्योगिक दुर्घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला में नवीनतम घटना है । हाल के महीनों में राज्य में कई औद्योगिक इकाइयों में हादसे हुए हैं जिनमें मजदूरों की जानें गई हैं । इससे पहले सितंबर महीने में भी छत्तीसगढ़ के एक स्टील प्लांट में छत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई थी । ये बार-बार होने वाली दुर्घटनाएं औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं ।

औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रखरखाव के साथ-साथ सख्त सुरक्षा जांच की भी जरूरत होती है । लिफ्ट जैसी मशीनरी के लिए यह जरूरी है कि उनकी समय-समय पर पूरी तरह से तकनीकी जांच की जाए और किसी भी प्रकार की खराबी मिलने पर तुरंत उसे ठीक किया जाए । विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार प्लांट प्रबंधन सुरक्षा मानकों में ढिलाई बरतते हैं जिसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ता है ।

स्थानीय मजदूर संगठनों ने इस हादसे की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है । संगठनों ने कहा है कि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान गई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए । उन्होंने यह भी मांग की है कि राज्य सरकार सभी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की जांच करवाए और लापरवाही बरतने वाले प्रबंधनों पर कड़ी कार्रवाई करे ।

RKM Powergen Pvt Ltd के प्रबंधन ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है । हालांकि सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क किया है और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है । प्लांट के अधिकारी पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं और सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं ।

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए । लाभ कमाने की होड़ में कभी भी मजदूरों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए । सरकार और प्रबंधन दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो और मजदूरों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिले ।

पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सकेगा । अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी । फिलहाल घायल मजदूरों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है । पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top