बीजापुर, छत्तीसगढ़ |
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक बार फिर खौफनाक वारदात सामने आई है। शनिवार देर रात नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। माओवादियों की जगरगुंडा कमेटी ने वारदात की जिम्मेदारी ली है। पिछले 25 दिनों में नक्सलियों द्वारा की गई हत्याओं की संख्या 10 तक पहुंच गई है।
🔻 मारे गए ग्रामीणों की पहचान:
- कवासी जोगा (55) – ग्राम छुटवाई निवासी
- मंगलू कुरसाम (50) – बड़ा तर्रेम निवासी
सूत्रों के अनुसार, 4-5 हथियारबंद माओवादी घर में घुसे और दोनों को जबरन ले जाकर सिर पर धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतार दिया।
खास बात यह है कि मृतक मंगलू का बेटा नंदू पहले ही नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर कर चुका था। आशंका है कि नक्सली उसी को मारने आए थे, लेकिन उसके न मिलने पर उसके पिता को ही निशाना बना डाला।
🔻 17 जून की दिल दहला देने वाली घटना भी जुड़ी है:
पेद्दाकोरमा गांव में नक्सलियों ने 70-80 की संख्या में हमला कर तीन ग्रामीणों की हत्या कर दी थी, जिसमें:
- सोमा मोड़ियाम (20) – 12वीं पास, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था
- अनिल माड़वी (13) – 7वीं का छात्र, डॉक्टर बनने का सपना था
- एक अन्य ग्रामीण युवक शामिल था
इन सभी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी।
तीनों सरेंडर नक्सली दिनेश मोड़ियाम के रिश्तेदार थे। आरोप है कि इन्होंने दिनेश को आत्मसमर्पण के लिए उकसाया और उससे पैसे भी लिए थे।
🔻 एक और ताजा मामला:
पामेड़ थाना क्षेत्र में सरेंडर नक्सली समैय्या और ग्रामीण वेको देवा की हत्या कर दी गई। समैय्या ने 2025 में सरेंडर किया था। इनकी हत्या कर नक्सलियों ने इलाके में और भय फैला दिया है।
🔻 बढ़ता दहशत और गुस्सा
नक्सलियों की इन लगातार हत्याओं से बीजापुर में दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीण अब मीडिया के सामने बोलने से भी डर रहे हैं। सुरक्षा बलों की टीमें घटनास्थलों पर पहुंचकर जांच कर रही हैं।