बिलासपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक मामूली सड़क विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब बुधवार रात कोनी थाना क्षेत्र में कार साइड करने के मुद्दे पर हुई कहासुनी में एक युवक पर बर्बर हमला किया गया। हमलावरों ने हॉकी स्टिक, बेल्ट और चाकू का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़ित की पहचान कोनी निवासी सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है, जो स्थानीय स्तर पर एक गैरेज संचालित करता है। घटना 29 जुलाई की रात की है, जब सुरेश अपनी कार से पेट्रोल पंप की ओर जा रहा था। रास्ते में कुछ अज्ञात व्यक्तियों से वाहन साइड देने को लेकर विवाद हुआ, जो तेजी से बढ़ता गया और अंततः एक जानलेवा हमले में बदल गया।
हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपराधियों ने केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहकर, हॉकी स्टिक, बेल्ट और चाकू जैसे खतरनाक हथियारों का सहारा लिया। इस हमले में सुरेश कुमार साहू गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज जारी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में छोटे-मोटे विवादों से हिंसक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सड़क पर होने वाले मामूली झगड़े किस तरह से गंभीर अपराध में तब्दील हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक सहिष्णुता में कमी और आक्रामकता में वृद्धि इन घटनाओं के मुख्य कारण हैं।
कोनी थाना पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज की है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मुद्दों को उजागर किया है। यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे विवादों को सुलझाने के लिए धैर्य और संयम की आवश्यकता होती है। उन्होंने सुझाव दिया है कि ड्राइवरों को यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ सड़क पर अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में तेजी लाई गई है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इस घटना से यह संदेश मिलता है कि छोटे विवादों को हिंसा में बदलने के बजाय शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाना ही बेहतर होता है।