गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक की बिजली गाँव, जिसे गवर्नर रामेन डेका ने गोद लिया है, ये दिनों चर्चा में है। यहाँ हो रही आरोग्य सभाओं में गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग अपनी बीमारियों के इलाज की उम्मीद में पहुँचते हैं। लेकिन, ये सभाएँ सिर्फ प्रार्थना से शुरू नहीं होतीं, बल्कि इनमें लोगों के धार्मिक विश्वास पर भी सवाल उठाए जाते हैं। कहा जाता है कि “तुम्हारे राम-कृष्ण में शक्ति नहीं, केवल प्रभु यीशु में चमत्कार है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि गवर्नर के अडॉप्टेड गाँव में ये सब हो रहा है। बिजली, लफेंडी और बेलटुकरी गाँवों में बिना किसी अनुमति के ऐसी गतिविधियाँ चल रही हैं। क्षेत्र के कई लोगों का दावा है कि यहाँ बिना दवा के गंभीर बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। याद दिला दें कि तीन महीने पहले सुरसबंधा गाँव में ऐसे ही इलाज के दौरान एक युवती की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद ये कार्यक्रम जारी हैं।
विश्व हिंदू परिषद का विरोध
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता संयोजक मोहित साहू के नेतृत्व में इन तीनों गाँवों में पहुँचे और सभाओं का निरीक्षण किया। पुलिस की मौजूदगी में आयोजकों से सवाल किए गए और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की माँग की। जिला अध्यक्ष प्रकाश निर्मलकर ने चेतावनी दी कि अगर पैसे और चमत्कार के बहाने धर्म परिवर्तन की कोशिश की गई तो हम जबरदस्त विरोध करेंगे। प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी जाएगी।