रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के दूरस्थ और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरुआत कर दी है। शनिवार को जगदलपुर के लाल बाग मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह योजना उन गांवों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा पहुंचाने के लिए शुरू की गई है जहां अब तक बस सेवा उपलब्ध नहीं थी।
सरकारी अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पहले चरण में इस योजना के तहत 250 गांवों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 34 रूट्स पर 34 बसों का संचालन शुरू किया गया है, जो 11 जिलों के गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने का काम करेंगी। यह पहल उन ग्रामीणों के लिए राहत भरी साबित होगी जिन्हें अपने जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी या ट्रैक्टर और पिकअप वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। सरकारी बयान के अनुसार, इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और बाजारों तक आसान पहुंच मिल सकेगी। यह योजना विशेष रूप से उन गांवों के लिए वरदान साबित होगी जहां सड़क संपर्क सीमित है और जहां के निवासियों को जिला मुख्यालय या अन्य प्रमुख केंद्रों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल चलनी पड़ती है।
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को सुरक्षित, समय पर और किफायती यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने दैनिक कार्यों, शासकीय कार्यालयों में जाने, स्कूलों और अस्पतालों तक पहुंचने में आसानी होगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को दीर्घकालिक और व्यवहार्य बनाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग का प्रावधान किया है। इसके तहत बस संचालकों को वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा प्रदान कर सकें। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पहले वर्ष में 26 रुपये प्रति किलोमीटर, दूसरे वर्ष में 24 रुपये प्रति किलोमीटर और तीसरे वर्ष में 22 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
इस पहल से न केवल परिवहन सुविधा में सुधार होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस संचालन, रखरखाव और अन्य संबंधित कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार बस संचालकों को होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी लेगी और उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद का जल्द ही अंत होगा और यहां शांति स्थापित करके विकास के नए आयाम गढ़े जाएंगे। शाह ने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचल के निवासी अब विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि आज शुरू हुई यात्री बस सेवा राज्य के नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि अब 250 गांवों के लोग अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे, जो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार जन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांवों में बसों का संचालन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से लोग कम लागत में अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकेंगे और रोजमर्रा के कामकाज, शासकीय कार्यों और अन्य गतिविधियों में भी सुविधा बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री साय ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल परिवहन की सुविधा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना गांवों को शहरों से जोड़ने और ग्रामीण जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के पहले चरण में विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन संभागों में 34 नए मार्गों पर 34 बसों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जो 11 जिलों के लगभग 250 गांवों को जोड़ेंगी। ये वे क्षेत्र हैं जहां सड़क संपर्क अत्यंत सीमित है और जहां के निवासियों को बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में काफी कठिनाई होती है।
बस्तर और सरगुजा के ये दूरस्थ गांव अब पहली बार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से जुड़ेंगे, जो इन क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब ग्रामीणों को अपनी जरूरतों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करने या महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब शहरी सुविधाओं तक पहुंच मिलेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने का काम करेगी और समावेशी विकास को बढ़ावा देगी। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में इस योजना का प्रभाव बेहद सकारात्मक होने की उम्मीद है, जहां विकास की रफ्तार अब तक धीमी रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के शुभारंभ के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त भी जारी की। इस अवसर पर राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं के खाते में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह योजना केवल पहले चरण तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के सभी दूरस्थ और वंचित गांवों को सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से जोड़ा जाए। इससे न केवल ग्रामीण विकास को गति मिलेगी बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति में भी योगदान होगा।
यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। आने वाले महीनों में इस योजना के परिणाम ग्रामीण जनजीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देने की उम्मीद है।