छत्तीसगढ़ का ₹3,200 crore liquor scam पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है बल्कि जनता के बीच भी यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि आखिरकार इतने बड़े पैमाने पर corruption किस तरह चल रहा था और इसमें किन-किन बड़े अधिकारियों और नेताओं की भूमिका थी।
हाल ही में Enforcement Directorate (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए Excise Department के 30 suspended officers को notice जारी किया है। इन अधिकारियों में एक महिला IAS officer के husband का नाम भी शामिल है। सभी को अलग-अलग तारीखों पर ED office Raipur में पेश होकर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे –
- Liquor Scam क्या है और यह कैसे हुआ?
- ED की action की पूरी detail
- किन-किन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं?
- EOW और ED की जांच में अब तक क्या सामने आया है
- इसका असर छत्तीसगढ़ की politics और लोगों के भरोसे पर
आइए शुरू करते हैं।
Liquor Scam क्या है?
छत्तीसगढ़ का यह liquor scam भारत के सबसे बड़े corruption scams में से एक माना जा रहा है। इसकी estimated value ₹3,200 crore बताई जाती है। जांच agencies के मुताबिक, कुछ सरकारी EXCISE officers और बड़े कारोबारी मिलकर एक parallel liquor network चला रहे थे।
- जिन इलाकों में country liquor की खपत ज्यादा थी, वहां government stock के साथ-साथ illegally duty-paid liquor भी बेची जा रही थी।
- इस illegal distribution से government को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ।
- इस पूरी network को state level पर coordination करके operate किया गया।
- आरोप है कि liquor tenders और licenses में भी बड़े पैमाने पर irregularities की गईं।
यह scam राजनीति और bureaucracy दोनों से जुड़ा दिख रहा है और यही कारण है कि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है।
ED का बड़ा Action – 30 Officers को Notice
Enforcement Directorate Raipur ने liquor scam की जांच में इस बार Excise Department के 30 suspended officers को notice दिया है।
ED advocate Saurabh Pandey ने confirm किया है कि सभी officers को समन भेजा गया है और अब ED उनके statements रिकॉर्ड करेगी।
बुलाए गए अधिकारियों की Category
- 1 Additional Commissioner
- 5 Deputy Commissioners
- 14 Assistant Commissioners
- 10 District और अन्य Excise Officers (जिनमें से 7 seवानिवृत्त हैं)
यानी इस बार ED ने छोटे-बड़े लगभग हर लेवल के officers को अपने radar पर ले लिया है।
पहले क्यों नहीं हुए पेश?
असल में इन सभी officers को पहले 23 September को ED office Raipur बुलाया गया था। लेकिन उसी दिन उन्हें Supreme Court से bail मिलने के बाद Special Judge EOW Court में जाकर bail formalities पूरी करनी थीं। इस वजह से ये सभी officer ED के सामने पेश नहीं हो पाए।
इसके बाद ED ने 28 September को fresh notices जारी करते हुए इन्हें दूसरी बार पेश होने के लिए बुलाया।
अब तक EOW और ED ने क्या किया?
इस liquor scam में Economic Offences Wing (EOW) और Enforcement Directorate (ED) दोनों agencies parallel तौर पर जांच कर रही हैं।
- EOW अब तक 13 लोगों को arrest कर चुकी है।
- 5 chargesheets file हो चुकी हैं।
- 7 July को EOW ने चौथा supplementary chargesheet दाखिल किया था जिसमें 29 लोगों के नाम शामिल थे, हालांकि इनमें से एक की death हो चुकी है।
बड़े नाम जो Arrest हुए
- Congress MLA और former Excise Minister Kawasi Lakhma (जेल में बंद)
- Former IAS officer Anil Tuteja
- Businessman Anwar Dhebar
- Special Secretary Arunpati Tripathi
- Former Excise Commissioner और IAS officer Niranjan Das
यहां साफ दिखता है कि यह scam सिर्फ छोटे level पर नहीं था बल्कि state के बड़े अधिकारियों और नेताओं की सीधी संलिप्तता सामने आई है।
किन-किन Officers की List सामने आई
जिन officers के नाम इस scam में chargesheet में आए हैं, और जिन्हें अब ED ने notice जारी किया है उनमें शामिल हैं –
- Pramod Netam
- Neetu Notani
- L.S. Dhruv
- Iqbal Ahmed Khan
- Janardan Singh Kaurav
- Arvind Patle
- Dinkar Wasnik
- Nohar Thakur
- Naveen Tomar
- Vikas Goswami
- Ramkrishna Mishra
- Manjushree Kaser
- Vijay Sen
- Mohit Jaiswal
- Gambhir Singh Nuruti
- Nitin Khanduja
- Ashwini Anant
- Anant Singh
- Sonal Netam
- Garib Pal Singh
- Saurabh Bakshi
- Jethuram Mandavi
- Devlal Vaidya
- Prakash Pal
- Ashish Kosam
- Rajesh Jaiswal
ये सभी फिलहाल Supreme Court से bail पर बाहर हैं।
Liquor Scam का Political Impact
इस scam का छत्तीसगढ़ की politics पर गहरा असर दिखाई दे रहा है।
- Opposition parties इसे Congress सरकार की failure साबित करने में जुटी हैं।
- Government इस मामले को “politically motivated” बताकर अपना बचाव कर रही है।
- Liquor policy को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिरकार इतने बड़े level पर irregularities हुईं तो किसी की निगरानी क्यों नहीं थी।
2025 के वक्त जब state politics पहले से ही heated है, liquor scam छत्तीसगढ़ में बड़ा issue बन चुका है।
आम जनता पर असर
Liquor scam से government revenue को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ। इसका मतलब है कि indirectly यह नुकसान आम जनता को ही हुआ क्योंकि ये पैसा development projects और welfare schemes में इस्तेमाल होना चाहिए था।
इसके अलावा liquor का uncontrolled sale लोगों की health और socio-economic situation पर भी बुरा असर डालता है। Chhattisgarh के कई rural areas में alcohol addiction एक गंभीर समस्या है और इस scam ने इस स्थिति को और बिगाड़ दिया।
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Future Investigation – आगे क्या होगा?
ED ने इन 30 officers को questioning के लिए बुलाया है और उनके statements record होंगे। Experts मानते हैं कि आगे और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
अगर जांच में नए सबूत मिलते हैं तो ED fresh arrests भी कर सकती है। Supreme Court से bail पर बाहर चल रहे accused officers को भी risk बना हुआ है कि अगर evidence मजबूत हुआ तो उनकी bail cancel हो सकती है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का liquor scam सिर्फ एक corruption case नहीं है बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि system में loopholes कैसे बड़े स्तर पर misuse किए जाते हैं। यह scam bureaucracy, politics और business nexus की मिलीभगत का नतीजा है।
Enforcement Directorate (ED) और EOW की parallel जांच से उम्मीद की जा रही है कि सच पूरी तरह सामने आएगा और guilty को सजा मिलेगी।
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि – क्या ऐसी घटनाएं future में भी होती रहेंगी या governance structure इतना मजबूत होगा कि फिर कोई इतना बड़ा scam न कर सके?