भिलाई, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले के अहिवारा क्षेत्र में एक छोटे से पैसों के विवाद ने एक जिंदगी छीन ली है। रविवार की रात एक ढाबा संचालक ने उधार पैसे मांगने आए दो युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में 22 वर्षीय मोहमद जसीम की मौत हो गई, जबकि संदेश गुप्ता गंभीर रूप से घायल है। नंदिनी पुलिस ने आरोपी आशुतोष कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
घटना रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे अहिवारा के बिहार ढाबे में घटित हुई। अहिवारा निवासी संदेश गुप्ता अपने मित्र मोहमद जसीम के साथ ढाबा संचालक आशुतोष कुमार उपाध्याय से अपना उधार दिया गया पैसा वापस लेने पहुंचा था। पुलिस की जांच के अनुसार, आशुतोष ने संदेश से लगभग 80 हजार रुपए उधार लिए थे और वापसी के नाम पर टालमटोल कर रहा था।
जब संदेश और जसीम ने ढाबा संचालक से पैसे वापस करने को कहा तो आशुतोष भड़क गया। उसने कहा कि वह पैसा नहीं देगा और जो करना है कर लें। इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। अचानक आशुतोष ने अपने ढाबे से एक तेज धार वाला चाकू निकाला और संदेश के पेट में घोंप दिया। जब मोहमद जसीम अपने मित्र को बचाने के लिए आगे बढ़ा तो आशुतोष ने उसके सीने में भी चाकू मार दिया।
दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ जमीन पर गिर गए। आसपास के लोगों की मदद से परिजनों को सूचना दी गई। घायलों को तुरंत सुपेला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद मोहमद जसीम की हालत अधिक गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।
नंदिनी पुलिस को रात 11:45 बजे मनोज कुमार गुप्ता के माध्यम से इस घटना की जानकारी मिली। मनोज ने पुलिस को बताया कि आशुतोष ने संदेश गुप्ता और मोहमद जसीम पर जान से मारने की नीयत से हमला किया है। पुलिस तुरंत घटनास्थल पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल आरोपी आशुतोष कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया। आरोपी को हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रायपुर के अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने मोहमद जसीम को बचाने की पूरी कोशिश की। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था और लगातार निगरानी में था। लेकिन चाकू का वार उसके महत्वपूर्ण अंगों को क्षतिग्रस्त कर चुका था। सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवारजनों का कहना है कि जसीम एक मेधावी छात्र था और अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तैयारी कर रहा था।
वहीं संदेश गुप्ता का इलाज अभी भी जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर है लेकिन धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। पेट में लगे चाकू के घाव से उसे भारी रक्तस्राव हुआ था, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अहिवारा क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि आशुतोष कुमार उपाध्याय का व्यवहार पहले से ही अच्छा नहीं था। कई लोगों से उसके पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चलते रहते थे। स्थानीय युवाओं ने बताया कि आशुतोष अक्सर लोगों से पैसे उधार लेता था लेकिन वापस करने में आनाकानी करता था।
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पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मोहमद जसीम के पिता एक छोटी दुकान चलाते हैं और परिवार का वही एकमात्र सहारा था। जसीम की मौत से पूरा परिवार शोक में डूबा है। वहीं संदेश के परिवार पर इलाज का भारी खर्च आ गया है।
पुलिस ने आरोपी आशुतोष के खिलाف भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह एक स्पष्ट हत्या का मामला है और सभी सबूत आरोपी के खिलाफ हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि छोटी-छोटी बातों पर लोग कैसे हिंसक हो जाते हैं। 80 हजार रुपए के लिए एक जिंदगी का चले जाना दुखद है। यह घटना दिखाती है कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से पर काबू न पाना कैसे त्रासदी का कारण बन सकता है।