दुर्ग में लोन के नाम पर महिलाओं को बनाया शिकार, पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक 55 साल की महिला ने गरीब और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को झांसे में डालकर करोड़ों रुपए की ठगी की है। सुपेला पुलिस ने नेमा गोस्वामी नाम की इस महिला को गिरफ्तार किया है।
कैसे काम करती थी यह ठग महिला?
नेमा गोस्वामी का तरीका बेहद चालाकी भरा था। वह खुद को एक मददगार इंसान बताकर जरूरतमंद महिलाओं के पास जाती थी। उनकी बीमारी और पारिवारिक परेशानियों का फायदा उठाकर वह उन्हें लोन दिलवाने का लालच देती थी।
उसका वादा था: “आप चिंता मत करिए, लोन की सारी किश्तें मैं भर दूंगी।”
लेकिन असलियत यह थी: लोन की पूरी रकम अपनी जेब में डालकर वह गायब हो जाती थी।
15 लाख रुपए का घोटाला
पुलिस की जांच से पता चला है कि इस महिला ने कई बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से लोन निकलवाया था:
- उज्जीवन बैंक ग्रीन चौक दुर्ग
- बंधन बैंक नेहरू नगर
- बेल स्टार बैंक कोसा नगर
- नेबफिन्स लिमिटेड
- स्वस्ति बैंक
- स्पंदन स्फूर्ती फायनेंशियल लिमिटेड कैलाश नगर
- एक्टिव बैंक
- आईडीएफसी बैंक उतई
- मुथूट फाइनेंस कंपनी
कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपए की ठगी हुई है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता पूर्णिमा चौहान ने हिम्मत जुटाकर 25 जुलाई को सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि कैसे नेमा गोस्वामी ने उसे और अन्य महिलाओं को बेवकूफ बनाया था।
पुलिस की कार्रवाई
सुपेला टीआई विजय ठाकुर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आरोपी को रायपुर के मंगल बाजार से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में नेमा गोस्वामी ने अपना अपराध कुबूल कर लिया। उसने माना कि वह रेशने आवास की महिलाओं को निशाना बनाती थी और लोन के नाम पर उन्हें फंसाकर पैसे हड़प लेती थी।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने नेमा गोस्वामी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। यह नया कानून है जो इस तरह की धोखाधड़ी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करता है।
सबक और सावधानी
यह मामला दिखाता है कि आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़ी-लिखी महिलाएं कैसे इस तरह के धोखेबाजों का आसान निशाना बनती हैं।
महत्वपूर्ण सलाह:
- किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
- लोन लेने से पहले बैंक से सीधे संपर्क करें
- किसी भी फाइनेंसियल डील के लिए बिचौलियों से बचें
यह केस एक बार फिर साबित करता है कि कैसे चालाक लोग गरीब और जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। अच्छी बात यह है कि पुलिस की तत्परता से आरोपी को जल्दी गिरफ्तार कर लिया गया।