रायपुर, छत्तीसगढ़ – रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 9 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हाथ लगभग 1 करोड़ रुपये की हेरोइन लगी है, जो पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते छत्तीसगढ़ तक पहुंचाई जा रही थी।
टिकरापारा में छापेमारी, फ्लैट से मिली हेरोइन
3 अगस्त 2025 को रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार सेक्टर-4 में स्थित एक फ्लैट पर पुलिस की स्पेशल टीम ने छापेमारी की। इस दौरान 412.87 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी बाजारी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह और पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पंजाब का मुख्य तस्कर लवजीत सिंह उर्फ ‘बंटी’ और रायपुर का सुवित श्रीवास्तव शामिल है।
पाकिस्तान से पंजाब, फिर ट्रेन से रायपुर
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह ड्रग्स पाकिस्तान से शुरू होकर पंजाब के गुरदासपुर तक पहुंचती थी। वहां से मुख्य तस्कर लवजीत सिंह इसे ट्रेन या सड़क मार्ग से रायपुर भेजता था। रायपुर में सुवित श्रीवास्तव के फ्लैट को मुख्य डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर बनाया गया था, जहां से पूरे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई होती थी।
हेरोइन की कीमत एक ग्राम 6,000 से 10,000 रुपये तक बताई जा रही है, जो इस कारोबार की विशालता को दर्शाता है।
कोडवर्ड्स और व्हाट्सऐप से चलता था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, यह पूरा तस्करी नेटवर्क अत्याधुनिक तरीकों से संचालित होता था। तस्कर आपस में कोडवर्ड्स (गुप्त भाषा) का इस्तेमाल करते थे और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखते थे। पैसों के लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी, UPI और फर्जी बैंक अकाउंट्स का सहारा लिया जाता था।
“तस्कर इतने चतुर थे कि वे अनजान लोगों से मिलने के लिए वीडियो और लोकेशन तक शेयर करते थे। इससे पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था,” पुलिस के एक अधिकारी ने बताया1।
मुख्य आरोपी लवजीत सिंह खुद डिलीवरी देने आता था
जांच में पता चला है कि पंजाब का मुख्य तस्कर लवजीत सिंह कई बार खुद रायपुर आकर हेरोइन की डिलीवरी देता था और फिर वापस चला जाता था। स्थानीय स्तर पर अश्वनी चंद्रवंशी समेत 6 अन्य आरोपी वाहनों में घूम-घूमकर ड्रग्स की सप्लाई करते थे।
करोड़ों के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले
पुलिस को तस्करों के मोबाइल फोन, कार, पैकेजिंग सामग्री और लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं। इनसे पता चलता है कि यह गिरोह करोड़ों रुपये का कारोबार कर रहा था।
250 नशेड़ियों से होगी पूछताछ
पुलिस ने बताया कि अब 250 ऐसे लोगों से पूछताछ की जाएगी जो इन तस्करों से नशा खरीदते थे। छत्तीसगढ़ और पंजाब की पुलिस मिलकर इस मामले की गहराई से जांच कर रही है1।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशा माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से राज्य में ड्रग्स की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है।