छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाली और असामान्य घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। विधानसभा थाना क्षेत्र में तीन युवकों ने एक इंजीनियर पर जिंदा सांप फेंकने का दुस्साहसिक कदम उठाया, जिसके बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई जब पीड़ित ने इस अमानवीय हरकत का विरोध किया। घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि विरोध करने पर आरोपियों ने इंजीनियर को बेल्ट, लात-घूंसे से बुरी तरह पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस हिंसक हमले की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
पीड़ित इंजीनियर ने तुरंत विधानसभा थाना में पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने इस गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की व्यापक तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस अजीबोगरीब हमले में भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रारंभिक जांच के आधार पर धारा 323 (चोट पहुंचाना), धारा 352 (हमला करना), और धारा 506 (धमकी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अगर यह साबित हो जाता है कि आरोपियों द्वारा फेंका गया सांप जहरीला था और उनका वास्तविक इरादा पीड़ित की जान लेने का था, तो धारा 307 (जानलेवा हमला) भी लगाई जा सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सांप फेंकने की यह घटना अत्यंत दुर्लभ है और इसमें पीड़ित को गंभीर नुकसान पहुंचाने या उसकी जान लेने की साफ मंशा दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे साक्ष्य संग्रह में जुटे हुए हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने इसे कायरतापूर्ण हमला बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की असामान्य हिंसा समाज के लिए एक खतरनाक संकेत है और इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएंगे और आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर न्याय सुनिश्चित करेंगे। इस चर्चित मामले में अब तक तीन अज्ञात युवकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।