अमेरिका में एक भारतीय युवक की हत्या के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। Haryana के जींद जिले के 26 वर्षीय कपिल की कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना तब हुई जब कपिल ने अपने काम करने की जगह के बाहर सार्वजनिक रूप से पेशाब कर रहे एक व्यक्ति को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की थी।
परिवारजनों के अनुसार, कपिल लॉस एंजेल्स में एक स्टोर में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। शनिवार की शाम जब उसने दुकान के बाहर पेशाब कर रहे एक व्यक्ति को ऐसा करने से मना किया तो दोनों के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान अचानक उस व्यक्ति ने बंदूक निकाली और कपिल को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल कपिल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कपिल हरियाणा के जींद जिले के बड़ाह कलां गांव का निवासी था। उसके परिवार में उसके माता-पिता और दो बहनें हैं। उसके पिता एक किसान हैं जिनके पास छोटी सी जमीन है। कपिल ने तीन साल पहले डंकी रूट से अमेरिका की यात्रा की थी। इस खतरनाक यात्रा में उसे पनामा के जंगलों को पार करना पड़ा था और मैक्सिको की सीमा की दीवार फांदनी पड़ी थी। इस पूरी प्रक्रिया में परिवार का लगभग 45 लाख रुपए खर्च हुआ था।
जींद जिले के बड़ाह कलां गांव के सरपंच सुरेश कुमार गौतम ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कपिल को शुरू में गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। तब से वह अमेरिका में रह रहा था और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन दिया था। उसका सपना था कि वह अमेरिका में एक बेहतर भविष्य बना सके।
सरपंच सुरेश कुमार गौतम ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से अपील की है कि वे कपिल के शव को वापस भारत लाने में परिवार की मदद करें। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और उन्होंने पहले ही कपिल को अमेरिका भेजने में अपनी सारी बचत खर्च कर दी थी। अब उनके लिए शव को वापस लाने का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका में भारतीयों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मार्च 2025 में वर्जीनिया के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में गुजराती मूल के 56 वर्षीय प्रदीप पटेल और उनकी 24 वर्षीय बेटी ऊर्मि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन शराब खरीदने आया था और उसने पूछा कि स्टोर रात में क्यों बंद है। इसके बाद उसने पिता-पुत्री दोनों पर गोलीबारी की।
इसी तरह मई 2025 में एक और भारतीय मूल के व्यक्ति की ग्राहक बनकर आए हमलावर ने हत्या कर दी थी। हमलावर ने दुकान में लूटपाट की और कैश काउंटर से पैसे लूटने के बाद दुकानदार को गोली मार दी थी। अगस्त 2024 में नॉर्थ कैरोलिना में भारतीय मूल के मैनांक पटेल की एक किशोर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मैनांक एक 5 वर्षीय बेटी के पिता थे और उनकी पत्नी गर्भवती थी।
मार्च 2025 में तेलंगाना के 27 वर्षीय गम्पा प्रवीण की भी मिल्वाकी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रवीण मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा था और पार्ट टाइम काम करता था। डकैती के दौरान बदमाशों ने उस पर गोलीबारी की थी।
ये घटनाएं दिखाती हैं कि अमेरिका में भारतीय समुदाय, विशेषकर कन्वीनियंस स्टोर और रिटेल की दुकानों में काम करने वाले लोग, हिंसा के शिकार हो रहे हैं। अधिकांश मामलों में ये लूटपाट और बेवजह की बहस के कारण हुई हैं। कपिल का मामला विशेष रूप से दुखद है क्योंकि उसकी हत्या केवल इसलिए हुई कि उसने सार्वजनिक शिष्टाचार बनाए रखने की कोशिश की।
अमेरिकी पुलिस ने अभी तक कपिल की हत्या के मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। हमलावर का नाम भी अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच जारी है और उन्होंने गवाहों से बयान लिया है।
भारतीय समुदाय के नेताओं ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है और अमेरिकी अधिकारियों से भारतीयों की सुरक्षा के लिए बेहतर कदम उठाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि भारतीय काम करने वाली जगहों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था हो और इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
कपिल की मृत्यु ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया है कि अमेरिका में अवैध रूप से पहुंचने वाले भारतीय युवक कितनी कठिनाइयों का सामना करते हैं। डंकी रूट से जाने वाले युवकों को न केवल यात्रा के दौरान जोखिम उठाना पड़ता है बल्कि वहां पहुंचकर भी उन्हें कई समस्याओं से जूझना पड़ता है।
परिवारजनों का कहना है कि कपिल एक शांतिप्रिय युवक था और वह केवल अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। उसकी मृत्यु न केवल उसके परिवार के लिए एक बड़ा नुकसान है बल्किक पूरे गांव और समुदाय के लिए भी एक बड़ा झटका है।