“ओवल में भारत की बल्लेबाजी का सफाया, गस एटकिंसन के 5 विकेट से 224 पर ऑलआउट”

भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल टेस्ट में भारतीय टीम की पहली पारी काफी निराशाजनक रही। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी के दौरान कुल 224 रन ही बटोर पाई और दूसरे दिन ऑल आउट हो गई। मैच के दूसरे दिन जब टीम इंडिया ने अपना स्कोर 204/6 से आगे शुरू किया, तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि टीम आउट होने के इतना करीब पहुंच जाएगी। लेकिन दूसरे सत्र की शुरुआत में ही भारत के बाकी 4 विकेट महज 20 रन में ढह गए, और यह पतन केवल 17 गेंदों में हुआ।

इस पारी में भारत की तरफ से करुण नायर ने सबसे अधिक 57 रन बनाए, पर बाकी बल्लेबाज अपनी भूमिका नहीं निभा सके। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने इस पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके। यह उनकी टेस्ट क्रिकेट करियर में चौथी पारी है, जब उन्होंने एक ही पारी में पांच विकेट लिए हैं। एटकिंसन की गेंदबाजी में तेजी, सटीकता और बाउंस देखने को मिली, जिससे भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह गैरजिम्मेदार नजर आए।

भारतीय टीम का कुल स्कोर 66.5 ओवर में 224 बना, जो इंग्लैंड के बाउंसी विकेट के हिसाब से भी बहुत कम माना जा रहा है। दरअसल, ओवल ट्रैक पर टीम इंडिया के बल्लेबाजों को न तो तेज गेंदबाजों के सामने टिकना आया, और न ही लॉब्स या स्पिन गेंदबाजों के सामने सही रणनीति बना पाए। सुबह सबसे पहले नई बॉल के साथ इंग्लैंड के पेसर्स ने जमकर चार्ज किया, जिसके नतीजतन भारत की पारी की नींव ही हिला दी गई।

सप्ताह भर पहले तक जिस टीम इंडिया की बल्लेबाजी की चर्चा थी, उस टीम का मानो सूरत-ए-हाल ही बदल गया। आलोचकों का मानना है कि भारतीय बल्लेबाज तैयार दिखे। उन्हें इंग्लैंड की तेज, भिन्न सतह और बदले हुए परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं हो सका। विकेट में बाउंस और अजीब-अजीब से मूवमेंट ने भारत के अधिकांश बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।

गस एटकिंसन के अलावा इंग्लैंड के अन्य गेंदबाजों ने भी अच्छा सहयोग दिया, लेकिन एटकिंसन का शानदार प्रदर्शन हर चर्चा में छाया रहा। टेस्ट में लगातार पांच विकेट लेने का कमाल दिखाकर एटकिंसन ने खुद को टीम का नया आशा किरण साबित किया है। वहीं, इस मैच में उनके साथी तेज गेंदबाज और स्पिनर्स भी भारतीय बल्लेबाजी पर दबाव बनाने में सफल रहे।

भारत के लिए यह पारी कलेजे में यूं दर्द बन गई है कि जिस करुण नायर ने 57 रन की अच्छी पारी खेली, उसके अलावा कोई भी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बदलकर बड़ा स्कोर नहीं बना पाया। टीम इंडिया को मिली विकेट सेटिंग में बाद में खो देना भी एक चिंता का विषय बना रहा। बात अगर रणनीति की करें, तो लग रहा था कि टीम इंडिया के बल्लेबाजों की रणनीति में थोड़ी सी भी बदलाव नहीं की गई, जबकि इंग्लैंड की गेंदबाजी सही लाइन-लेंथ के साथ चल रही थी।

कुल मिलाकर कहा जाए तो इस पारी से तीन मुख्य बातें निकलकर आईं। पहली, भारतीय बल्लेबाजों को अभी विदेशी स्थितियों में टिकने की जरूरत है, दूसरी, तेज गेंदबाजी के सामने संभलने की जरूरत है, और तीसरी, निचले क्रम को थोड़ा और मजबूत बनाने की जरूरत है। पहली पारी में 224 रन का स्कोर किसी भी अर्थ में भारत के हक में नहीं जा रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया के गेंदबाज इस कम स्कोर को बचाने में सफल रहेंगे? इंग्लैंड की बल्लेबाजी काफी मजबूत है और अगर वह भारतीय गेंदबाजी के सामने अच्छी शुरुआत कर लेती है, तो मैच और भी एकतरफा हो सकता है।

इस बीच, भारतीय टीम प्रबंधन के सामने अब यह सवाल भी है कि क्या टीम के बल्लेबाजों को खेल में विशेष तैयारी के लिए छोड़ा जाए या फिर उन्हें और दूसरे मौकों पर आजमाया जाए। टीम इंडिया के कोच और सलाहकारों की भूमिका अब और भी बढ़ गई है, क्योंकि राष्ट्रीय टीम को उदासीन प्रदर्शन की कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुकानी पड़ती है।

टीम इंडिया के प्रशंसकों के मन में अब सवाल उठ रहा है कि क्या टीम अपने पिछले प्रदर्शनों से सबक लेकर दूसरी पारी में कोई बड़ा सुधार दिखाएगी? क्या विराट कोहली, एसजे इयर, या अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी इस मुश्किल घड़ी में अपनी भूमिका निभाएंगे?

इस मैच के पहले पारी के नतीजे ने भारतीय टीम के ऊपर अब एक बहुत बड़ा दबाव डाल दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम इंडिया अपनी गेंदबाजी में जवाबी हमला कर पाती है या फिर इंग्लैंड इस फायदे को भुनाकर मैच की ओर बढ़ जाता है।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन, कप्तानी और टीम प्रबंधन की इस मिली-जुली चुनौती के बीच, भारत को अब हर मैच में चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटना होगा। ओवल टेस्ट की पहली पारी अब भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक सबक बन गई है, जिससे हर खिलाड़ी को सीख लेनी चाहिए।

सबकी नजरें अब अगले दिन की शुरुआत पर टिकी हैं, जब इंग्लैंड की पारी शुरू होगी। उस समय देखना दिलचस्प होगा कि भारत की गेंदबाजी और फील्डिंग कितनी प्रभावशाली है। साथ ही, भारतीय पारी के बाद टीम की फील्डिंग और गेंदबाजी में क्या सुधार दिखता है, यह भी मैच के आगे के क्रिकेट का निर्णायक पहलू हो सकता है।

कुल मिलाकर, ओवल टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। अब सभी की उम्मीदें दूसरी पारी में सुधार से जुड़ी हैं, वरना टीम को भारी परिणाम भुगतना पड़ सकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच अब और भी दिलचस्प हो गया है, जिसमें अब तो टीम इंडिया को दबाव में खेलना होगा और साथ ही खुद को साबित भी करना होगा।

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