छत्तीसगढ़ में बन रहा भारत का पहला AI विशेष आर्थिक क्षेत्र, 1 लाख GPU के साथ खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

छत्तीसगढ़ में भारत के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्रित विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का निर्माण शुरू हो गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

स्थान और निवेश: यह AI SEZ नवा रायपुर के सेक्टर 22 में 13.5 एकड़ के क्षेत्र में फैला होगा और इसमें पहले चरण में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। परियोजना का विकास रैकबैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है।

बुनियादी ढांचा: इस SEZ में 1.5 लाख वर्ग फीट का अत्याधुनिक डेटा सेंटर होगा, जिसमें चार उच्च घनत्व डेटा सेंटर होंगे। इसकी कुल बिजली क्षमता 80 मेगावॉट होगी और भविष्य में इसे 160 मेगावॉट तक बढ़ाया जा सकता है।

तकनीकी क्षमताएं

परियोजना में 1,00,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) स्थापित किए जाएंगे, जो AI मॉडल ट्रेनिंग और डेप्लॉयमेंट के लिए आवश्यक हैं। यह सुविधा अत्याधुनिक कूलिंग सिस्टम से लैस होगी जो ऊर्जा खपत में 70% तक की बचत करेगी।

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रोजगार के अवसर

प्रत्यक्ष रोजगार: पहले चरण में 200 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिसे आने वाले वर्षों में 500 तक बढ़ाया जाएगा। कुल मिलाकर 500 प्रत्यक्ष और 1,500 अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा।

कौशल विकास: युवाओं को AI, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, और नेटवर्क मैनेजमेंट में विशेषज्ञता प्रदान की जाएगी। इसके लिए ITI, इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ साझेदारी की योजना है।

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प्रमुख कंपनियों की भागीदारी

इस AI SEZ में Google, Microsoft, OpenAI, Meta, और IBM जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के निवेश की संभावना है। ये कंपनियां अपनी AI सेवाओं को इस केंद्र से संचालित कर सकती हैं।

क्षेत्रीय प्रभाव

कृषि: AI तकनीक से स्मार्ट खेती, मौसम पूर्वानुमान, मृदा विश्लेषण और फसल उत्पादन में सुधार होगा।

स्वास्थ्य सेवा: टेलीमेडिसिन, स्मार्ट डायग्नोसिस और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी सेवाओं का विकास होगा।

शिक्षा: विश्वविद्यालयों और संस्थानों की साझेदारी से आधुनिक तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा।

राष्ट्रीय महत्व

यह परियोजना Digital India और Make in India के लक्ष्यों के अनुरूप है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे “राज्य के लिए एक नई शुरुआत” बताया है। यह भारत को AI सेवाओं के उपभोक्ता से उत्पादक बनने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

रैकबैंक के CEO नरेंद्र सेन के अनुसार, “यह पहल भारत को केवल AI सेवाओं का उपभोक्ता नहीं बल्कि एक आत्मनिर्भर उत्पादक और मेजबान के रूप में स्थापित करती है।”

आवास एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री ओपी चौधरी के शब्दों में, “राज्य सरकार नवा रायपुर को डिजिटल और इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था का मॉडल बनाएगी। इससे युवाओं को डिजिटल कौशल में प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार एवं स्टार्टअप के नए अवसर प्राप्त होंगे।”

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