नई दिल्ली: भारतीय ऑटोमोटिव जगत की दिग्गज कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने नए विजन एस कॉन्सेप्ट एसयूवी के केबिन डिजाइन का अनावरण किया है। यह कॉन्सेप्ट भविष्य में लॉन्च होने वाली अगली पीढ़ी की बोलेरो एसयूवी का आधार बनेगा। कंपनी ने अपने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के साथ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
महिंद्रा ने अपने स्वतंत्रता दिवस इवेंट में कुल चार नई कॉन्सेप्ट एसयूवी का प्रदर्शन किया है, जिनमें विजन एस कॉन्सेप्ट सबसे अधिक चर्चा में है। इस कॉन्सेप्ट का इंटीरियर डिजाइन महिंद्रा के मौजूदा मॉडल्स से बिल्कुल अलग है और यह कंपनी की नई डिजाइन फिलॉसफी को दर्शाता है। ऑटोमोटिव एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डिजाइन भविष्य की महिंद्रा एसयूवी की पहचान बनेगा।
डैशबोर्ड में मिलेगी अत्याधुनिक तकनीक
विजन एस कॉन्सेप्ट के डैशबोर्ड में सबसे बड़ी खासियत दोहरी डिजिटल स्क्रीन सिस्टम है। इंडस्ट्री सोर्सेज के अनुसार, ये दोनों स्क्रीन 12-इंच की होंगी। हालांकि, महिंद्रा ने इन्हें एकीकृत रूप में नहीं रखा है, बल्कि दोनों स्क्रीन के बीच एक वर्टिकल एयर कंडीशनिंग वेंट लगाया गया है। यह डिजाइन एप्रोच अन्य लक्जरी ऑटोमेकर्स से अलग है और महिंद्रा की अपनी पहचान बनाता है।
कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस डिजिटल सिस्टम को चलाने के लिए एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यह ओएस नए ग्राफिक्स और उन्नत फीचर्स के साथ आएगा। महिंद्रा का फोकस उपयोगकर्ता के लिए आसान कंट्रोल प्रदान करने पर है, जिससे ड्राइविंग के दौरान स्क्रीन का इस्तेमाल सुरक्षित हो सके।
स्टीयरिंग व्हील में हैप्टिक तकनीक
विजन एस कॉन्सेप्ट में तीन-स्पोक राउंड स्टीयरिंग व्हील का इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक डिजाइन को मॉडर्न टच देता है। इस स्टीयरिंग व्हील की सबसे बड़ी विशेषता हैप्टिक कंट्रोल सिस्टम है। यह तकनीक उपयोगकर्ता को स्पर्श के माध्यम से फीडबैक प्रदान करती है, जिससे नेत्रहीन नियंत्रण संभव हो जाता है। यह फीचर प्रीमियम कारों में देखने को मिलता है और महिंद्रा इसे अपनी मास मार्केट एसयूवी में लाने की तैयारी कर रहा है।
फिजिकल बटन्स की वापसी
आधुनिक ऑटोमोटिव ट्रेंड के विपरीत, महिंद्रा ने विजन एस में फिजिकल बटन्स को प्राथमिकता दी है। जबकि अधिकांश ऑटोमेकर्स सभी फंक्शन्स को इन्फोटेनमेंट स्क्रीन में एकीकृत कर रहे हैं, महिंद्रा ने सेंटर कंसोल में पारंपरिक फिजिकल कंट्रोल्स को बनाए रखा है। यह निर्णय उपयोगकर्ता की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
कंपनी के डिजाइन टीम के अनुसार, क्लाइमेट कंट्रोल पैनल और अन्य आवश्यक फंक्शन्स के लिए पूरी तरह से फिजिकल इंटरफेस प्रदान किया गया है। यह डिजाइन मसल मेमोरी को बढ़ावा देता है, जिससे ड्राइवर बिना देखे भी आवश्यक कंट्रोल्स का इस्तेमाल कर सकता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एप्रोच सेफ्टी और उपयोगिता के लिहाज से बेहतर है।
NU.IQ प्लेटफॉर्म की क्षमताएं
महिंद्रा विजन एस कंपनी के नए NU.IQ प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो इंजीनियरिंग की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्लेटफॉर्म असाधारण बहुमुखी प्रतिभा के लिए डिजाइन किया गया है और 3,990 मिमी से 4,320 मिमी तक की लंबाई रेंज का समर्थन करता है। इसका मतलब है कि यह प्लेटफॉर्म सब-4 मीटर और बड़े दोनों सेगमेंट के वाहनों के लिए उपयुक्त है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि कॉम्पैक्ट आयामों के बावजूद यह अपनी श्रेणी में सबसे विशाल केबिन स्पेस प्रदान करता है। यह 4.3 मीटर और सब-4 मीटर दोनों सेगमेंट के वाहनों के लिए समान रूप से लागू है। पैकेजिंग एफिशिएंसी के मामले में यह एक नया बेंचमार्क स्थापित करता है।
पावरट्रेन विकल्प और ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन
NU.IQ प्लेटफॉर्म की आर्किटेक्चर विभिन्न पावरट्रेन विकल्पों को समायोजित करने के लिए डिजाइन की गई है। यह फ्रंट-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव दोनों कॉन्फ़िगरेशन का समर्थन करता है। इसके अतिरिक्त, यह प्लेटफॉर्म लेफ्ट-हैंड ड्राइव और राइट-हैंड ड्राइव दोनों बाजारों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है, जो महिंद्रा की ग्लोबल एक्सपेंशन प्लान्स को दर्शाता है।
प्लेटफॉर्म के आयाम भी प्रभावशाली हैं। 2,665 मिमी का व्हीलबेस पर्याप्त रूप से लंबा है, जो केबिन स्पेस को अधिकतम करने में मदद करता है। फ्रंट ओवरहैंग 745-850 मिमी के बीच और रियर ओवरहैंग 550-805 मिमी के बीच अनुकूलित किया जा सकता है। यह लचीलापन विभिन्न बॉडी स्टाइल्स और ड्राइविंग आवश्यकताओं के लिए प्लेटफॉर्म को अनुकूलित करने में सहायक है।
बाजार में प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
ऑटोमोटिव इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि विजन एस कॉन्सेप्ट महिंद्रा के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। कंपनी का यह नया डिजाइन एप्रोच उसे प्रीमियम सेगमेंट में बेहतर पोजिशनिंग प्रदान कर सकता है। विशेष रूप से फिजिकल कंट्रोल्स पर जोर और हैप्टिक तकनीक का इस्तेमाल महिंद्रा को अन्य ब्रांड्स से अलग पहचान दिलाने में सहायक होगा।
बोलेरो भारतीय बाजार में एक प्रतिष्ठित नाम है और इसकी अगली पीढ़ी का इंतजार काफी समय से किया जा रहा था। विजन एस कॉन्सेप्ट से मिले संकेतों के आधार पर, नई बोलेरो में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक उपयोगिता का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल सकता है। यह कॉम्बिनेशन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से आकर्षक हो सकता है।
महिंद्रा की यह नई डिजाइन फिलॉसफी न केवल उनके फ्यूचर प्रोडक्ट्स को प्रभावित करेगी बल्कि पूरी इंडस्ट्री में नए ट्रेंड्स भी सेट कर सकती है। कंपनी का फोकस उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर है, जो आने वाले समय में एक प्रमुख विक्रय बिंदु बन सकता है।