दुर्ग हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश, दोनों गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जहाँ एक महिला ने अपने 25 साल पुराने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या करवाई है। दुर्ग पुलिस ने इस जटिल अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला एक बार फिर से पारिवारिक रिश्तों में आई दरार और अवैध संबंधों की गंभीरता को उजागर करता है।

घटना की शुरुआत 24 अगस्त 2025 को हुई जब दुर्ग के नगपुरा क्षेत्र स्थित आंवला बाड़ी इलाके में एक 40 से 45 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला। मृत व्यक्ति की पहचान करने के लिए स्थानीय पुलिस ने तत्काल कंट्रोल रूम और साइबर प्रहरी टीम के माध्यम से मृतक की तस्वीर वायरल की। इस पहल के परिणामस्वरूप अंजनी ठाकुर नामक एक महिला ने आगे आकर मृतक को अपना पति धनेश ठाकुर बताया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह मामला संदिग्ध लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए जिसमें स्पष्ट रूप से यह पता चला कि धनेश ठाकुर की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि किसी भारी वस्तु से सिर पर किए गए प्रहार के कारण हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की।

क्राइम डीएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में बनी विशेष जांच टीम ने मामले की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस को एक चौंकाने वाला सच पता चला जो इस पूरे मामले को एक नया मोड़ देता था। पता चला कि मृतक धनेश ठाकुर की पत्नी अंजनी ठाकुर का पिछले 25 वर्षों से हरपाल सिंह राजपूत नामक व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध चल रहा था।

जांच में आगे यह बात सामने आई कि धनेश ठाकुर शराब की लत का शिकार था और पिछले दो महीनों से बेरोजगार था। उसकी इस आदत और बेरोजगारी के कारण वह अक्सर अपनी पत्नी अंजनी से पैसों की मांग करता रहता था। जब पत्नी उसकी मांग पूरी नहीं कर पाती तो वह उसे गाली-गलौज करता और घरेलू हिंसा का सहारा लेता था। इस स्थिति के कारण अंजनी और उसके प्रेमी हरपाल सिंह के बीच मिलना-जुलना मुश्किल हो गया था।

धनेश की लगातार घर पर मौजूदगी और उसके व्यवहार से परेशान होकर अंजनी और हरपाल ने एक खतरनाक फैसला लिया। दोनों ने मिलकर धनेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बनाई। यह योजना केवल एक अस्थायी समाधान नहीं बल्कि एक पूर्ण षड्यंत्र था जिसका अंत हत्या में होना था।

24 अगस्त की रात को इस घिनौनी योजना को अंजाम दिया गया। हरपाल सिंह ने अंजनी की एक्टिवा स्कूटी पर धनेश को शराब पिलाने का बहाना बनाकर आंवला बाड़ी इलाके में ले गया। यह स्थान काफी एकांत था जहाँ रात के समय लोगों का आना-जाना कम होता है। वहाँ पहुंचकर हरपाल ने धनेश को अधिक मात्रा में शराब पिलाई ताकि वह पूरी तरह से नशे में धुत्त हो जाए।

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जब धनेश पूरी तरह से नशे के नशे में बेहोश हो गया, तब हरपाल सिंह ने एक भारी पत्थर उठाकर उसके सिर पर जोरदार वार किया। इस वार से धनेश की तत्काल मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के तुरंत बाद हरपाल ने अंजनी को फोन कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी और उसे बताया कि उनकी योजना सफल हो गई है।

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पुलिस की जांच टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों, तकनीकी जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर इस पूरे मामले को सुलझाया। मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने यह साबित कर दिया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी न कि कोई आकस्मिक घटना।

इन सभी ठोस सबूतों के आधार पर दुर्ग पुलिस ने अंजनी ठाकुर और हरपाल सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है और वे पूरी तरह से पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं।

यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे अवैध संबंध और व्यक्तिगत स्वार्थ किसी भी व्यक्ति को अपराध के रास्ते पर धकेल सकते हैं। इस घटना से यह भी पता चलता है कि पारिवारिक विवादों और वैवाहिक समस्याओं का समाधान हिंसा और अपराध में नहीं बल्कि कानूनी तरीकों से किया जाना चाहिए।

दुर्ग पुलिस ने इस मामले में अपनी कुशल जांच का परिचय देते हुए न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल किया है। अब न्यायालय में इस मामले की आगे की कार्यवाही होगी जहाँ दोनों आरोपियों को अपने किए की सजा मिलेगी।

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