छत्तीसगढ़: शराब दुकानों में शुरू होगी 100% कैशलेस व्यवस्था

छत्तीसगढ़ की शराब नीति में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत हो गई है। राज्य के नवनियुक्त आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रदेश की सभी शराब दुकानों में पूर्ण कैशलेस सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ में मदिरा खरीदारी केवल ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से ही संभव होगी, जो डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सोमवार 25 अगस्त को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री देवांगन ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक में आबकारी सचिव आर. शंगीता ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की गतिविधियों, शराब दुकानों की संख्या, विभिन्न ब्रांड्स, मूल्य निर्धारण, राजस्व संग्रहण और डिस्टिलरी से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।

मंत्री देवांगन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि प्रदेश की सभी शराब दुकानों में 100 प्रतिशत कैशलेस ट्रांजेक्शन अनिवार्य किया जाए। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को शराब खरीदने के लिए कैश का उपयोग नहीं करना होगा, बल्कि केवल डिजिटल पेमेंट मेथड जैसे UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड अथवा अन्य ऑनलाइन भुगतान विकल्पों का प्रयोग करना होगा।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 740 शराब दुकानें परिचालित हैं, जो सभी इस नई कैशलेस व्यवस्था के दायरे में आएंगी। यह निर्णय न केवल ग्राहकों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि शराब व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कैशलेस सिस्टम से चिल्लर की समस्या का समाधान होगा और लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहेगी।

मंत्री देवांगन ने शराब दुकानों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी शराब दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं और मुख्यालय से 24 घंटे निरंतर निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह कदम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप लिया गया है और इससे अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में सहायता मिलेगी।

फार्महाउस में होने वाली अवैध शराब पार्टियों के संदर्भ में मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं कि इन पार्टियों में राज्य के बाहर की शराब का उपयोग किया जाता है, जिस पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। इसके साथ ही होटल, ढाबों और अन्य स्थानों पर होने वाली अवैध शराब बिक्री पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

आबकारी मंत्री ने अवैध मदिरा और मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर विशेष बल दिया है। यह रणनीति राज्य में अवैध शराब तस्करी को रोकने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।

इस समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन और आबकारी विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।

यह नई कैशलेस व्यवस्था छत्तीसगढ़ को डिजिटल तकनीक के मामले में अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल करेगी। कैशलेस सिस्टम से न केवल लेन-देन में सुविधा होगी बल्कि कर चोरी की संभावनाएं भी कम होंगी और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, यह व्यवस्था मदिरा व्यापार में भ्रष्टाचार को रोकने में भी सहायक होगी।

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मंत्री देवांगन का यह निर्णय शराब व्यापार में आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कदम न केवल तकनीकी उन्नति को दर्शाता है बल्कि पारदर्शी शासन व्यवस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। आने वाले समय में इस व्यवस्था का प्रभाव राज्य की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में शराब नीति के इस नए अध्याय से राज्य में मदिरा व्यापार की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। कैशलेस सिस्टम के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नकेल से राज्य में एक स्वच्छ और पारदर्शी आबकारी व्यवस्था का निर्माण होगा। यह व्यवस्था अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनने की संभावना रखती है।

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