छत्तीसगढ़: प्रेम में असफल इलेक्ट्रिशियन ने स्पीकर में बम लगाकर भेजा था गिफ्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गांदई जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक 20 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन ने एकतरफा प्रेम के कारण एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए म्यूजिक सिस्टम के स्पीकर में बम लगाकर गिफ्ट के रूप में भेजने की साजिश रची थी। पुलिस की सतर्कता और समय पर मिली सूचना के कारण एक बड़ी दुर्घटना को टाला जा सका है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब गांदई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के मानपुर गांव में अफसर खान के नाम एक संदिग्ध पार्सल आया। यह पार्सल गिफ्ट रैप किया हुआ था और इस पर नकली इंडिया पोस्ट का लोगो लगा था। अफसर खान को इस पार्सल पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस की बम डिस्पोजल टीम ने जब इस पैकेज की जांच की तो उसमें एक नया स्पीकर मिला जिसके अंदर 2 किलो का आईईडी छुपाया गया था।

मुख्य आरोपी विनय वर्मा कुसामी गांव का निवासी है और पेशे से इलेक्ट्रिशियन है। पुलिस जांच से पता चला कि विनय कॉलेज के समय से ही एक लड़की से एकतरफा प्रेम करता था। कुछ महीने पहले उस लड़की की शादी अफसर खान से हो गई थी, जिसके बाद विनय ने अफसर खान को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जांच में पाया गया कि विनय वर्मा ने ऑनलाइन ट्यूटोरियल की मदद से इस खतरनाक बम को तैयार किया था। उसके मोबाइल फोन की गूगल सर्च हिस्ट्री में “पुलिस से पकड़े बिना बम से किसी व्यक्ति को कैसे मारा जाए” जैसी खोजें मिली हैं। बम को इस तरह डिजाइन किया गया था कि जैसे ही स्पीकर को बिजली के प्लग में लगाया जाता, करंट डेटोनेटर तक पहुंचकर विस्फोट कर देता।

इस आईईडी में जिलेटिन स्टिक्स को मुख्य विस्फोटक के रूप में इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट के समय स्पीकर का बाहरी आवरण घातक छर्रों का काम करता और इससे आसपास के लोगों को गंभीर नुकसान हो सकता था। यह पूरी योजना इतनी खतरनाक थी कि इससे न केवल अफसर खान बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी जान जा सकती थी।

इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बड़ा विस्फोटक तस्करी का नेटवर्क लगा है। जांच से पता चला कि इस साजिश में कुल सात लोग शामिल थे। विनय वर्मा के अलावा परमेश्वर वर्मा, गोपाल वर्मा, घसीराम वर्मा, दिलीप धीमर, गोपाल खेलवार और खिलेश वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच के अनुसार, इस साजिश में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक दुर्ग जिले की एक पत्थर की खदान से चुराए गए थे। परमेश्वर वर्मा ने 6000 रुपये देकर गोपाल और दिलीप से जिलेटिन रॉड्स खरीदे थे। घसीराम का काम इन विस्फोटकों को पहुंचाना था, जबकि खिलेश वर्मा ने पार्सल पर लगाने के लिए नकली इंडिया पोस्ट का लोगो तैयार किया था। अंत में गोपाल खेलवार की मदद से विनय वर्मा ने इस जानलेवा गिफ्ट को अफसर खान की दुकान तक पहुंचाया।

दुर्ग में गोपाल और दिलीप के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 60 जिलेटिन स्टिक्स और दो डेटोनेटर बरामद किए हैं। ये विस्फोटक पत्थरिया क्षेत्र की खदान से अवैध रूप से निकाले गए थे। पुलिस अब इस खदान के संचालक से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।

खैरागढ़-छुईखदान-गांदई जिले के पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने बताया कि इस कार्रवाई से न केवल एक नियोजित हत्या को रोका गया है बल्कि इस क्षेत्र में अवैध विस्फोटक आपूर्ति के एक पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने कहा कि अपराध में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अप्रैल 2023 की एक घटना की याद दिलाता है जब पड़ोसी कबीरधाम जिले में एक नवविवाहित व्यक्ति और उसके बड़े भाई की मौत हो गई थी। उस समय भी पत्नी के पूर्व प्रेमी ने शादी के गिफ्ट के रूप में होम थिएटर म्यूजिक सिस्टम भेजा था जिसमें विस्फोट हो गया था।

ये घटनाएं दिखाती हैं कि आज के डिजिटल युग में आम लोग भी इंटरनेट की मदद से खतरनाक हथियार बना सकते हैं। ऑनलाइन ट्यूटोरियल और वीडियो की आसान उपलब्धता ने इस तरह के अपराधों को और भी खतरनाक बना दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक नई चुनौती है कि वे इस तरह की साजिशों को कैसे रोकें।

इस मामले में अफसर खान की सतर्कता ने एक बड़ी त्रासदी को रोक दिया। अगर वे इस संदिग्ध पार्सल को खोल लेते तो परिणाम भयावह हो सकते थे। यह घटना लोगों को सिखाती है कि अनजान स्रोतों से आए किसी भी गिफ्ट या पार्सल के साथ सावधानी बरतनी चाहिए।

पुलिस की जांच अभी भी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों को कड़ी सजा मिलेगी। यह मामला एक बार फिर से दिखाता है कि व्यक्तिगत वैमनस्य और एकतरफा प्रेम कितना खतरनाक रूप ले सकता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top