सिपाही से ठगी का बड़ा मामला: साइबर ठगों ने ऑनलाइन बिजनेस में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 20 लाख से अधिक रुपए ऐंठे

छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने एक सिपाही को भारी रुपए का चूना लगा दिया। ये ठग खुद को ऑनलाइन बिजनेस में फायदा दिलाने वाले बता कर पीड़ित को फंसाते हैं और उसके बाद लाखों रुपए ठग लेते हैं। इसी तरह की ठगी में सिपाही पृथ्वीराज सिंह के साथ कुल करीब 20 लाख रुपए की ठगी हुई है। यह घटना हमें ऑनलाइन निवेश और ठगी के खतरों की हकीकत से रूबरू कराती है।

ठगों ने कैसे किया यूं फंसाया

पुलिस की जांच के मुताबिक, 22 जून को पृथ्वीराज सिंह के पास दो लोग पहुंचे, जिन्होंने खुद को ‘सिस्टम बिजनेस डॉट कॉम’ के ऑनर राजेश विश्वकर्मा और आयुशी बताया। उन्होंने पृथ्वीराज को ऑनलाइन बिजनेस में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया और भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया। अपनी बातों में भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने एक टेलीग्राम ग्रुप ‘सिस्टम ग्रुप 6188’ से जोड़ दिया, जहां पृथ्वीराज को ज्यादा जानकारी दी गई।

इसके बाद पृथ्वीराज ने ठगों के बताए हुए अलग-अलग बैंक खातों में पैसा जमा करना शुरू कर दिया। 23 जून को सबसे पहले उन्होंने 2 लाख 64 हजार 510 रुपए भेजे। उसके बाद 5 लाख 77 हजार 886 रुपए, 8 लाख 8 हजार 975 रुपए, और 1 लाख रुपए जमा कराए। कुल मिलाकर 17 लाख 51 हजार 371 रुपए RTGS और NEFT के जरिए ठगों के खाते में गए। सिर्फ इतना ही नहीं, फोनपे के जरिए भी 2 लाख 52 हजार 914 रुपए ठगों को भेजे गए।

मुनाफे का झांसा और धोखा

दिलचस्प बात यह रही कि ठगों ने पृथ्वीराज के खाते में उनके निवेश की रकम पर अच्छा खासा मुनाफा दिखाना भी शुरू कर दिया। वर्चुअल अकाउंट पर मुनाफे की राशि देखकर पृथ्वीराज और ज्यादा भरोसा करने लगे। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो धोखा सामने आ गया।

ठगों ने अकाउंट वेरीफिकेशन का झांसा देकर उनसे और 13 लाख रुपए जमा कराने को कहा। इस समय पृथ्वीराज को शक हुआ कि कहीं वे ठगी का शिकार तो नहीं हो रहे हैं। उन्होंने तुरंत खम्हारडीह पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई और साइबर ठगी की बढ़ती घटनाएं

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है। ऐसे साइबर फ्रॉड में ठग टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर निवेश की खराब तस्वीर दिखाकर लोगों को फंसाते हैं। वर्चुअल अकाउंट में मुनाफे की दिखावा करके और अतिरिक्त निवेश का दबाव बनाकर पैसे ऐंठे जाते हैं।

इस घटना से सीख

यह घटना एक चिंता का विषय है, खासकर उन लोगों के लिए जो ऑनलाइन निवेश के जरिए मुनाफा कमाने की सोचते हैं। तेजी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में सतर्कता बेहद जरूरी है। कभी भी ऐसे लोगों पर भरोसा न करें जो बिना सही जानकारी और भरोसे के भारी मुनाफे का लालच दें। अगर ऐसा लगे कि मामला संदिग्ध है, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

वैसे निवेश के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त कंपनियों और वेबसाइट्स का ही चयन करें और हर लेन-देन की पूरी पड़ताल करें। ऑनलाइन ठगी की शिकार होने से बचने का यही सबसे सही रास्ता है।

नोट: इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम विंग ठगों तक जल्द पहुंचने और अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। आम जनता से भी अपील है कि इस तरह के फर्जी निवेश स्कीम से सावधान रहें और किसी भी ऑनलाइन फर्जीवाड़े की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

इस तरह के साइबर फ्रॉड के मामलों में जागरूकता बढ़ाना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। इसलिए अपने आस-पास के लोगों को भी इस खतरनाक धोखे से बचाने के लिए जागरूक करें।

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