नई दिल्ली, 22 अगस्त 2025 – भारत की Online gaming इंडस्ट्री आज एक गंभीर संकट से गुजर रही है। केंद्र सरकार द्वारा 21 अगस्त 2025 को पारित “ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और नियंत्रण अधिनियम, 2025” के बाद देश के सबसे बड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म अपनी सेवाएं बंद करने को मजबूर हैं।
Dream11 का कैश गेम्स बंद करना
- भारत की सबसे बड़ी फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी Dream11 ने तुरंत प्रभाव से अपने सभी कैश गेम्स और कॉन्टेस्ट बंद कर दिए हैं
- प्लेटफॉर्म पर फंड जोड़ने का ऑप्शन डिसेबल कर दिया गया है
- मौजूदा डिपॉजिट और जीती गई राशि सुरक्षित है और निकाली जा सकती है
- विड्रॉल के दौरान 2-3 घंटे की देरी हो सकती है
Zupee का रियल मनी गेमिंग से किनारा
- 20 अगस्त 2025 को Zupee ने घोषणा की कि वे रियल मनी गेमिंग बंद कर रहे हैं
- कंपनी अब केवल फ्री-टू-प्ले गेम्स की सेवा देगी
- Zupee के 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित होंगे
इंडस्ट्री पर व्यापक प्रभाव
नया कानून उन सभी ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगाता है जिनमें वास्तविक पैसे का लेन-देन होता है, चाहे वे स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड। इससे प्रभावित होने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म में शामिल हैं:
फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म:
- Dream11 (2.8 करोड़ यूजर्स, 9600 करोड़ रुपए रेवेन्यू)
- My11Circle
- MPL (Mobile Premier League):
रम्मी गेमिंग प्लेटफॉर्म:
- रम्मी सर्कल
- रम्मी कल्चर (3.2 करोड़ वेरिफाइड प्लेयर्स)
लूडो और अन्य गेम्स:
- ज़ूपी लूडो सुप्रीम
- रश गेम
- विनज़ो
- गेम्सक्राफ्ट
- पोकरबाजी
- पेरिमैच
आर्थिक नुकसान के आंकड़े
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, नए कानून से भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है:
तत्काल प्रभाव:
- 4 लाख कंपनियां प्रभावित
- 2 लाख नौकरियां खतरे में
- 20,000 करोड़ रुपए का वार्षिक जीएसटी कलेक्शन प्रभावित
- 25,000 करोड़ रुपए का निवेश जोखिम में
मार्केट साइज़ और भविष्य की हानि:
- वर्तमान में भारतीय ऑनलाइन गेमिंग मार्केट 3.7 बिलियन डॉलर का है
- 2029 तक यह 9.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान था
- कुल रेवेन्यू का 86% रियल-मनी फॉर्मेट गेम्स से आता है
Zupee:
कंपनी ने 2018 में दिलशेर सिंह मल्ही और सिद्धांत सौरभ द्वारा स्थापित ज़ूपी ने पूरी तरह से फ्री-टू-प्ले मॉडल अपनाने का फैसला किया है। WestCap Group और Matrix Partners India द्वारा बैक्ड यह कंपनी कपिल शर्मा और सलमान खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाती रही है।
Rummy Gaming Platforms:
Games24x7 द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म The Rummy Federation (TRF) से मान्यता प्राप्त है और iTech Labs तथा Random Number Generator (RNG) से सर्टिफाइड है। कंपनी का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने इंडियन रम्मी को स्किल-बेस्ड गेम माना है।
RummyCulture:
प्लेटफॉर्म का दावा है कि वे दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रम्मी टूर्नामेंट के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। कंपनी 24×7 कस्टमर सपोर्ट कई भारतीय भाषाओं में प्रदान करती है।
MPL (Mobile Premier League):
60+ गेम्स के साथ MPL पोकर, लूडो, और फैंटेसी क्रिकेट-फुटबॉल जैसे विकल्प प्रदान करता था। अब रियल-मनी फीचर्स नए कानून से प्रभावित हैं।
इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और अपील
गेमिंग फेडरेशन्स ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है:
संगठनों की अपील:
- All India Gaming Federation (AIGF)
- E-Gaming Federation (EGF)
- Federation of Indian Fantasy Sports (FIFS)
इन संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि यह प्रतिबंध खिलाड़ियों को अवैध साइट्स और अनरेगुलेटेड ऑपरेटर्स की तरफ धकेल सकता है, जो नियंत्रण से कहीं अधिक नुकसानदायक हो सकता है।
तकनीकी और नियामक चुनौतियां
नया कानून स्किल और चांस के बीच का अंतर नहीं करता, जो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी समस्या है। पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, स्किल-बेस्ड गेम्स जैसे रम्मी और फैंटेसी स्पोर्ट्स को जुआ नहीं माना जाता था।
प्रमुख तकनीकी प्रभाव:
- ऐप स्टोर्स से गेम्स हटाए जा रहे हैं
- पेमेंट गेटवे बंद किए जा रहे हैं
- यूजर्स के फंड्स फ्रीज़ हो रहे हैं
- टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयर्स गिर रहे हैं
भविष्य की संभावनाएं
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फैसला भारत को ग्लोबल गेमिंग हब बनने से रोक सकता है। कई कंपनियां अब दूसरे देशों में अपना ऑपरेशन शिफ्ट करने पर विचार कर रही हैं।
संभावित समाधान:
- स्किल और चांस बेस्ड गेम्स के बीच अंतर
- बेहतर नियामक ढांचा
- टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार
- इंडस्ट्री के साथ बातचीत
निष्कर्ष
भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। जबकि सरकार का मकसद जुआ और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, इसका प्रभाव वैध व्यवसायों और लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और इंडस्ट्री के बीच बातचीत से ही इस समस्या का हल निकल सकता है। तब तक, करोड़ों गेमर्स और हजारों कर्मचारी अनिश्चितता के साए में जीने को मजबूर हैं।
यह स्थिति न केवल गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बल्कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह देश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में पीछे धकेल सकती है।