ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने Sora 2 लॉन्च किया है, एक ऐसा हैरान कर देने वाला AI टूल जो सिर्फ कुछ शब्द लिखकर असली जैसी, हाई-क्वालिटी वीडियो बना सकता है, जिसमें आवाज भी होती है। यह सिर्फ एक टेक्नोलॉजी अपडेट नहीं है; यह वीडियो की दुनिया में एक बहुत बड़ी क्रांति है जो फिल्में बनाने का तरीका हमेशा के लिए बदल सकती है। कंपनी ने “Sora” नाम का एक नया सोशल ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे आप इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकते हैं और खुद को AI द्वारा बनाई गई दुनिया में डाल सकते हैं।
भारत के विशाल फिल्म उद्योग, बॉलीवुड के लिए यह AI वीडियो जनरेशन एक बड़े तूफान की तरह है। हर किसी के मन में यही सवाल है: जब कोई भी अपने फोन से एक फिल्म का सीन बना सकता है तो बड़े-बड़े फिल्म सेट, महंगे कैमरों और स्टार्स का क्या होगा?
अब कोई भी बन सकता है फिल्म डायरेक्टर
Sora 2 को वीडियो बनाने के लिए एक जादुई छड़ी की तरह समझें। आप बस टाइप करें “एक ड्रैगन बर्फीले पहाड़ों के बीच उड़ रहा है” और यह आपको उसी का 4K वीडियो बना कर देगा, जिसमें हवा की आवाज और ड्रैगन की दहाड़ भी होगी। पुरानी टेक्नोलॉजी के विपरीत, Sora 2 असली दुनिया को समझता है। अगर यह किसी बास्केटबॉल खिलाड़ी का शॉट चूकते हुए वीडियो बनाता है, तो गेंद हकीकत की तरह रिम से टकराकर वापस आएगी, न कि जादू से टोकरी में चली जाएगी।
इसका सबसे चौंकाने वाला फीचर “कैमियो” है। नए Sora ऐप से आप अपना एक छोटा वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं, और AI आपको किसी भी मनचाहे सीन में डाल सकता है, जिसमें आपकी शक्ल और आवाज बिल्कुल असली लगेगी।
क्या बॉलीवुड की कहानी खत्म हो जाएगी?
यह टेक्नोलॉजी भारत के करोड़ों के फिल्म उद्योग के सारे नियम बदल सकती है। एक तरफ, यह एक सुनहरा मौका है। कल्पना कीजिए कि भारत के किसी छोटे शहर का एक नौजवान फिल्ममेकर अब एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई या भविष्य की दुनिया बना सकता है, और उसे करोड़ों के बजट की जरूरत नहीं होगी। Sora 2 क्रिएटर्स की एक नई पीढ़ी को ताकत दे सकता है।
लेकिन दूसरी तरफ, यह एक बड़ी अनिश्चितता भी लाता है। मुंबई और पूरे देश में हजारों जूनियर आर्टिस्ट, स्टंटमैन, सेट डिजाइनर और विजुअल इफेक्ट्स (VFX) स्टूडियो का क्या होगा? अगर कोई डायरेक्टर AI से स्विट्जरलैंड का खूबसूरत सीन बना सकता है, तो क्या उसे पूरी टीम को वहां ले जाने की जरूरत पड़ेगी? अगर वह एक डांस नंबर के लिए हजारों की भीड़ AI से बना सकता है, तो बैकग्राउंड डांसर्स का क्या होगा?
अब सवाल यह नहीं है कि AI फिल्मों में आएगा या नहीं, बल्कि यह है कि जब यह पूरी तरह से आ जाएगा, तो असली इंसान की कला की क्या कीमत रह जाएगी? जब कोई भी शाहरुख खान या दीपिका पादुकोण का डिजिटल अवतार बना सकता है, तो असली स्टार्स की क्या जरूरत होगी?
OpenAI का कहना है कि वे इस टेक्नोलॉजी को जिम्मेदारी से लॉन्च कर रहे हैं, लेकिन इतने शक्तिशाली टूल का आना एक बड़ा मोड़ है। यह कलाकारों के लिए एक नया हथियार है, लेकिन यह इस बात पर भी सवाल उठाता है कि एक फिल्म बनाने के लिए असल में किसकी जरूरत है।
शो तो चलता रहेगा, लेकिन शायद अब किरदार और कलाकार दोनों बदल जाएंगे।