छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में बुधवार, 23 जुलाई, 2025 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप की मौत हो गई। यह घटना नवा रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में घटी, जहां निखिल अपने साथी के साथ रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक पर सवार थे। आरंभिक जानकारी के अनुसार, बाइक की रफ्तार बेहद ज्यादा थी, जिस कारण वाहन सड़क डिवाइडर से जा टकराया और दोनों सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। निखिल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका, जबकि उनके साथी का इलाज अभी भी जारी है। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और मौके पर मौजूद सबूतों को सुरक्षित किया। निखिल के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं, विशेष रूप से वाहन की गति और तकनीकी कारणों की छानबीन में जुटी है। इस दुर्घटना से केदार कश्यप और उनके परिवार पर बहुत बड़ा आघात पहुंचा है, क्योंकि निखिल पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के पुत्र भी थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव सहाय समेत राज्य के कई नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
घटना ने एक बार फिर युवाओं में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर चिंता पैदा कर दी है। हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें युवा बाइकर्स बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। सुरक्षा के प्रति जागरूकता के अभाव और अनुशासनहीनता को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने, नियमित चेकिंग और यातायात जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। इस मामले में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि युवाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूर पहनने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।
रायपुर की यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत दुखद घटना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल भी है। क्या हम सड़क पर सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं? क्या अधिकारियों और समाज के स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जा रहे हैं? युवाओं के बीच जागरूकता अभियान, सख्त कानून लागू करने और परिवार के स्तर पर जिम्मेदारी समझने की आवश्यकता पर बल देते हुए विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्परता से कार्रवाई की है और आश्वासन दिया है कि सभी पहलुओं की पूरी तरह से जांच की जाएगी। दूसरी ओर, मंत्री केदार कश्यप और उनके परिवार के लिए यह समय बेहद दुखद है। निखिल की असमय मौत ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। इस त्रासदी से सीख लेते हुए, युवाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है। अंत में, परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं और यह उम्मीद कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।