रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित प्रसिद्ध जूक क्लब में रविवार की देर रात एक गंभीर हिंसक घटना घटित हुई है जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है । भिलाई के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर प्रखर चंद्राकर और पुलकित चंद्राकर ने अपने पांच-छह साथियों के साथ मिलकर रायपुर निवासी अज्जू पांडे नामक युवक पर जानलेवा हमला किया है ।
घटना की जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश के कारण क्लब परिसर में विवाद छिड़ गया था जो बाद में खूनी मारपीट में तब्दील हो गया । आरोपियों ने न केवल लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया बल्कि पिस्टल के बट से भी पीड़ित के चेहरे पर निर्दयता से प्रहार किए । इस हमले में अज्जू पांडे की नाक की हड्डी तक टूट गई है और वह गंभीर रूप से घायल हो गया है ।
तेलीबांधा थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमले में शामिल सभी युवकों की पहचान स्पष्ट हो चुकी है और उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा । गंभीर रूप से घायल अज्जू पांडे को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है ।
मुख्य आरोपी प्रखर चंद्राकर पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है । यह तथ्य इस मामले की गंभीरता को और भी बढ़ा देता है क्योंकि एक ज्ञात अपराधी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार का जानलेवा हमला कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है ।
यह घटना रायपुर के नाइट क्लब और मनोरंजन केंद्रों में बढ़ती हिंसा की एक और कड़ी है। हाल के महीनों में रायपुर के विभिन्न क्लबों में कई विवादास्पद घटनाएं घटित हुई हैं । इससे पहले भी रायपुर महापौर के भतीजे शोएब ढेबर को जूक क्लब में मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था ।
न्यूड पार्टी, स्ट्रेंजर पूल पार्टी जैसे विवादास्पद आयोजनों के कारण भी इन क्लबों की छवि धूमिल हुई है । पुलिस को इन मनोरंजन केंद्रों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखनी पड़ रही है । सितंबर में रायपुर के हाइपर क्लब में न्यूड पार्टी का पोस्टर वायरल होने के बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था ।
इस प्रकार की हिंसक घटनाएं न केवल पीड़ित और उसके परिवार को प्रभावित करती हैं बल्कि समूचे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। युवाओं में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसक प्रवृत्ति का यह मामला गंभीर सामाजिक सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करता है । विशेषकर जब हथियारों का प्रयोग किया जाता है तो यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है ।
रायपुर जैसे विकसित शहर में मनोरंजन केंद्रों पर इस प्रकार की घटनाएं पर्यटन और व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। स्थानीय व्यापारी और रेस्तरां मालिक इन घटनाओं से चिंतित हैं क्योंकि यह शहर की छवि को धूमिल करता है ।
रायपुर प्रशासन के लिए इन नाइट क्लबों और मनोरंजन केंद्रों की निगरानी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। इन स्थानों पर होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता बन गया है । पुलिस को नियमित छापेमारी और निगरानी बढ़ानी पड़ रही है ।
इस मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस की तत्परता सराहनीय है क्योंकि उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और जांच शुरू की । हालांकि, इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए और भी प्रभावी उपायों की आवश्यकता है ।
इस घटना के बाद रायपुर पुलिस और प्रशासन को नाइट क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। CCTV निगरानी बढ़ाना, सुरक्षा गार्डों की संख्या में वृद्धि और नियमित पेट्रोलिंग जैसे उपाय आवश्यक हैं ।
साथ ही युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को रोकने के लिए सामुदायिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की भी आवश्यकता है। शिक्षा संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर युवाओं के बीच अहिंसा और सद्भावना का संदेश फैलाना होगा ।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि पूरे समाज को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। तभी हम एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण कर सकेंगे