आज 9 अगस्त को पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बार यह त्योहार बेहद खास है क्योंकि करीब 100 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब रक्षाबंधन के दिन न तो भद्रा का साया रहेगा और न ही पंचक का।
पूरे 7 घंटे 37 मिनट का शुभ समय
इस साल रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए सुबह 5 बजकर 47 मिनट से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक का शुभ मुहूर्त मिल रहा है। यह समय कुल मिलाकर 7 घंटे और 37 मिनट का है, जो बहनों के लिए काफी सुविधाजनक है।
कब से कब तक है पूर्णिमा तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि कल यानी 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू हो चुकी है और आज 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन का त्योहार आज पूरे देशभर में मनाया जा रहा है।
विशेष शुभ योग
इस बार रक्षाबंधन पर कई विशेष योग बन रहे हैं:
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक
- सौभाग्य योग: सुबह 4 बजकर 08 मिनट से 10 अगस्त तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 5 बजकर 47 मिनट से दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक
भद्रा और राहुकाल की जानकारी
अच्छी खबर यह है कि भद्रा काल रात में ही समाप्त हो गया है। भद्रा कल शाम से शुरू होकर आज तड़के 1 बजकर 52 मिनट पर खत्म हो गई है। हालांकि राहुकाल सुबह 9 बजकर 07 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, इस दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए।
पूजा की विधि
रक्षाबंधन की पूजा इस तरह करें:
- घर की साफ-सफाई करके पूजा की थाली तैयार करें
- थाली में राखी, रोली, चावल, दीपक, अगरबत्ती और मिठाई रखें
- सबसे पहले गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा करें
- भाई के माथे पर तिलक लगाएं, फिर रोली-चावल लगाकर राखी बांधें
- भाई को मिठाई खिलाकर उसकी लंबी आयु की कामना करें
दुर्लभ संयोग
ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग 40 से 100 साल बाद आया है जब रक्षाबंधन का पूरा दिन भद्रामुक्त रहा है। इस दिन श्रावण नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर भी हो रहा है, जो इस त्योहार को और भी शुभ बना रहा है।
यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। इस शुभ दिन पर पूरे देश में खुशी का माहौल है और परिवार एक साथ मिलकर इस पावन पर्व को मना रहे हैं।