दो दिन में ₹2,000 करोड़ कमाने वाले दीपिंदर गोयल की कहानी – कैसे बना Eternal का जादू?

क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ दो दिन में ₹2,000 करोड़ कमाना कैसा लगता होगा? जी हाँ, यह कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत है। Eternal के फाउंडर और CEO दीपिंदर गोयल के साथ यही हुआ है1

क्या हुआ था इन दो दिनों में?

22 जुलाई 2025 को जब शेयर बाजार में कारोबार हो रहा था, तो Eternal के शेयरों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। कंपनी का शेयर ₹311.60 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया3। पिछले दो दिनों में इन शेयरों में 21% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।

इस तेजी का सीधा फायदा 42 साल के दीपिंदर गोयल को मिला, जिनकी कंपनी में 3.83% हिस्सेदारी है1। उनकी नेटवर्थ बढ़कर ₹11,515 करोड़ पहुंच गई है, और Forbes की रियल-टाइम बिलिनेयर लिस्ट के अनुसार उनकी कुल संपत्ति अब $1.9 बिलियन हो गई है।

Blinkit की शानदार Performance

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रही Blinkit की शानदार परफॉर्मेंस। पहली तिमाही (Q1 FY26) में Blinkit के नेट ऑर्डर वैल्यू में 127% की साल-दर-साल बढ़ोतरी हुई, जो ₹9,203 करोड़ तक पहुंच गई। यह पहली बार हुआ है जब क्विक कॉमर्स बिजनेस ने फूड डिलीवरी बिजनेस को पीछे छोड़ दिया।

कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹7,167 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 70% की बढ़ोतरी दिखाता है। हालांकि प्रॉफिट में 90% की गिरावट आई, लेकिन निवेशकों ने इसे नजरअंदाज करते हुए ग्रोथ स्टोरी पर फोकस किया।

Market Cap में बड़ा बदलाव

इस रैली के साथ ही Eternal का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹3 लाख करोड़ को पार कर गया। अब यह कंपनी Wipro, Tata Motors, Nestle India, और Asian Paints जैसी बड़ी कंपनियों से भी ज्यादा मूल्यवान हो गई है।

Info Edge को भी मिला फायदा

Info Edge का भी इस रैली से भला हुआ है। कंपनी के पास Eternal में 12.38% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू अब ₹37,226 करोड़ हो गई है। यह Info Edge के कुल मार्केट कैप का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा है।

भविष्य की संभावनाएं

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, Eternal के शेयर में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। अगर ₹262 का लेवल टूटता है तो यह और भी ऊंचाई छू सकता है7। हालांकि एक्सपर्ट्स नई खरीदारी से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो फिलहाल उतना फेवरेबल नहीं है7।

निष्कर्ष

दीपिंदर गोयल की यह कहानी दिखाती है कि कैसे इनोवेशन और सही रणनीति से कोई भी कंपनी नई ऊंचाइयां छू सकती है। Blinkit का क्विक कॉमर्स मॉडल और Zomato की मजबूत पकड़ ने मिलकर यह कमाल दिखाया है।

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