धमतरी: सुंदरगंज वार्ड में 15 दिनों से पानी की किल्लत, नागरिकों में बढ़ता आक्रोश

छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के सुंदरगंज वार्ड में पिछले 15 दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। स्थानीय निवासियों को नलों से एक बूंद पानी भी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें रोजाना दूर-दराज से पानी लाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।

स्थिति की गंभीरता

सुंदरगंज वार्ड के निवासियों का कहना है कि महीनेभर से चली आ रही यह समस्या अब चरम पर पहुंच गई है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा न मिलने से लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पीने, खाना बनाने, नहाने-धोने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए पानी के लिए लोग किलोमीटरों दूर जाने को मजबूर हैं।

क्षेत्र के सूखे नलों की तस्वीरें इस संकट की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। एक स्थानीय निवासी का कहना है, “15 दिनों से हमारे नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी कष्टकारी है।”

प्रशासनिक उदासीनता

इस गंभीर समस्या के बावजूद स्थानीय वार्ड पार्षद नरेन्द्र रोहरा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार वार्ड पार्षद को शिकायत दी है, लेकिन न तो उन्होंने कोई जवाब दिया है और न ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है।

“हमने वार्ड पार्षद जी को कई बार फोन किया, उनके घर भी गए, लेकिन वे हमारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे,” एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा।

अन्य वार्डों में भी संकट

धमतरी शहर के अन्य वार्डों में भी पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। गर्मियों में भूजल स्तर गिरने से मोटरें काम नहीं कर रहीं, बोरवेल सूख गए हैं, और पारंपरिक जलस्रोत भी खत्म हो गए हैं। कई इलाकों में नगर निगम टैंकर से पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन सुंदरगंज वार्ड को यह सुविधा भी नहीं मिल रही है।

नागरिकों में बढ़ता असंतोष

स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति अविश्वास और नाराजगी लगातार बढ़ रही है। महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तक जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी अन्य दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

समाधान की मांग

स्थानीय निवासियों की मांग है कि नगर निगम और वार्ड पार्षद तत्काल कार्रवाई करे। उनका कहना है कि पानी एक बुनियादी अधिकार है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इसकी निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे।

स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

आगे की राह

इस स्थिति के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे सीधे नगर निगम आयुक्त या जिला कलेक्टर से मिलें। सामूहिक रूप से लिखित शिकायत देना और सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाना भी प्रभावी साबित हो सकता है।

धमतरी के सुंदरगंज वार्ड की यह समस्या न केवल स्थानीय प्रशासन की विफलता को दर्शाती है, बल्कि जल संकट के बढ़ते खतरे की भी चेतावनी देती है।

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