दुनिया भर के जॉब मार्केट में एक बड़ा बदलाव हो रहा है, और इसका कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। भारत की TCS और दुनिया की बड़ी कंपनी Accenture जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां हजारों नौकरियां खत्म कर रही हैं, क्योंकि वे अपने बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए AI को अपना रही हैं। AI से नौकरियों को खतरा बढ़ने का यह ट्रेंड हर किसी के लिए भविष्य की चिंता बढ़ा रहा है।
ट्रैकिंग साइट Layoffs.fyi के अनुसार, 2025 में अब तक दुनिया भर में 200 से ज्यादा टेक कंपनियों ने लगभग 90,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह सिर्फ एक अस्थायी गिरावट नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि कंपनियां अब कैसे काम करती हैं, इसमें एक गहरा बदलाव आ रहा है।
ये नौकरियां क्यों जा रही हैं?
इन छंटनी का मुख्य कारण ऑटोमेशन है। कंपनियां अब उन कामों के लिए शक्तिशाली AI टूल का उपयोग कर रही हैं जो पहले इंसानों द्वारा किए जाते थे, जिससे उन्हें पैसे बचाने और तेजी से काम करने में मदद मिलती है। इसका असर टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के कुछ सबसे बड़े नामों पर पड़ रहा है:
- Accenture ने पिछले तीन महीनों में 11,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी की CEO, जूली स्वीट ने कहा कि वे उन कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिन्हें AI से जुड़ी भूमिकाओं के लिए फिर से प्रशिक्षित किया जा सकता है, और उन्हें जाने दे रहे हैं जो इस बदलाव को तेजी से नहीं अपना सकते।
- Tata Consultancy Services (TCS) ने आधिकारिक तौर पर लगभग 12,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की। हालांकि, हाल की रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह संख्या बहुत ज्यादा हो सकती है, शायद 30,000 के करीब, क्योंकि कंपनी अपनी नई AI और सर्विसेज ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
- अन्य बड़ी कंपनियां जैसे कि Microsoft, Google, Meta (Facebook की पेरेंट कंपनी), और Amazon ने भी बड़ी संख्या में नौकरियों में कटौती की घोषणा की है। वे सभी एक ही कारण बताते हैं: AI के युग में “दक्षता” (efficiency) के लिए प्रयास और नए AI उत्पादों को विकसित करने के लिए संसाधनों को शिफ्ट करने की जरूरत।
इसका आपके और आपके करियर के लिए क्या मतलब है?
बड़ी वैश्विक कंपनियों से आ रही यह खबर हर जगह के जॉब मार्केट पर सीधा असर डालती है, जिसमें उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं। संदेश साफ है: कंपनियों को जिन स्किल्स की जरूरत है, वे तेजी से बदल रही हैं।
सबसे ज्यादा जोखिम उन भूमिकाओं पर है जिनमें दोहराए जाने वाले काम, डेटा एनालिसिस और यहां तक कि कुछ कस्टमर सर्विस जॉब्स भी शामिल हैं—ये सभी काम अब आधुनिक AI बहुत अच्छे से करने लगा है। Amazon के CEO, एंडी जेसी ने इस पर प्रकाश डाला जब उन्होंने कहा कि जेनरेटिव AI का मतलब है कि कुछ नौकरियों के लिए कम लोगों की जरूरत है और उन्होंने कर्मचारियों को “AI-फर्स्ट फ्यूचर” के लिए नई स्किल्स सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह सिर्फ नौकरियां खोने के बारे में नहीं है; यह नौकरियों के खुद बदलने के बारे में है। अभी आपके पास जो सबसे मूल्यवान कौशल हो सकता है, वह है सीखने और अनुकूलित होने की क्षमता। कंपनियां सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं कर रही हैं; वे AI स्किल्स वाले लोगों को भी बेसब्री से ढूंढ रही हैं। उदाहरण के लिए, Accenture दूसरों को निकालते हुए भी अपने कर्मचारियों को AI में प्रशिक्षित करने के लिए भारी निवेश कर रही है।
यह बदलाव एक नई तरह की वर्कफोर्स बना रहा है, जहां AI के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय AI के साथ काम करने की क्षमता ज्यादा महत्वपूर्ण है। भविष्य उन्हीं का है जो नई स्किल्स सीखने और इन नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार हैं।
AI से आ रहे बदलावों के लिए आप खुद को कैसे तैयार कर रहे हैं?